परियोजना अधिकारी पर गंभीर आरोप, आंगनबाड़ी भर्ती में गड़बड़ी की जांच की मांग

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मुंगेली । महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों ने सरगर्मी बढ़ा दी है। परियोजना क्रमांक–02 मुंगेली में पदस्थ परियोजना अधिकारी उमा कश्यप पर कूटरचना, गलत तरीके से नियुक्ति आदेश जारी करने तथा समिति को गुमराह करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थायी महिला एवं बाल विकास समिति के सदस्यों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पौनी, बोदा और दुल्लापुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती हेतु तैयार मेरिट सूची को अनुमोदन के लिए 22 सितंबर को जनपद पंचायत मुंगेली की स्थायी समिति की बैठक में प्रस्तुत किया जाना था। बैठक के दौरान सदस्यों ने ग्राम पंचायत पौनी के आवेदन पर आई आपत्तियों से संबंधित दस्तावेज देखने की मांग की। इस पर परियोजना अधिकारी उमा कश्यप ने कर्मचारियों की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए दस्तावेज प्रस्तुत करने से इंकार कर दिया।

बताया गया कि समिति के सदस्यों ने जब बैठक को स्थगित करने का प्रस्ताव रखा, तो परियोजना अधिकारी सहमत हो गईं। किन्तु 30 सितम्बर को उमा कश्यप के सेवानिवृत्त होने के बाद समिति को जानकारी मिली कि पौनी पंचायत में नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया है, जबकि अनुमोदन बैठक स्थगित कर दी गई थी।

इसके बाद सदस्यों ने प्रभारी परियोजना अधिकारी श्री गेंदले से जानकारी ली, जिनके द्वारा दिखाए गए कार्यवाही रजिस्टर में कई पन्ने फटे हुए मिले। वहीं रजिस्टर में पूर्व तारीख डालकर बैठक का विवरण लिखा गया था, जिसमें समिति के सभी सदस्यों को अनुपस्थित बताया गया है। समिति सदस्यों ने स्पष्ट किया कि उन्हें उक्त बैठक की कोई सूचना ही नहीं दी गई थी।

शिकायत जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग मुंगेली को प्रस्तुत की गई। परंतु जांच प्रारम्भ करने के बजाय, परियोजना क्रमांक 2 द्वारा बोदा और दुल्लापुर की पूर्व तैयार मेरिट सूची को निरस्त कर नया आवेदन मंगाने का निर्णय लेते हुए मूल्यांकन समिति से प्रस्ताव पारित कराया गया। यह निर्णय और अधिक संदेह उत्पन्न करता है क्योंकि बोदा और दुल्लापुर की मेरिट सूची भी समिति द्वारा ही पूर्व में तैयार की गई थी।

स्थायी समिति पदाधिकारियों का आरोप है कि सेवा निवृत्ति से ठीक एक दिन पूर्व परियोजना अधिकारी उमा कश्यप द्वारा कूटरचना कर नियुक्ति आदेश जारी किया गया, जो नियम उल्लंघन तथा पद दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। समिति ने कहा कि यह पूरे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

मामले पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग मुंगेली संजुला शर्मा ने बताया कि— “परियोजना क्रमांक 02 में कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। समिति द्वारा पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।”

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