अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

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17 अगस्त को 2 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया निःशुल्क भोजन और प्रसादी

उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की पहल पर भोजन, ठहरने और चिकित्सा की व्यवस्था

रिपोर्टर 🖋️ कमलेश सिंह

कवर्धा। पवित्र सावन माह में मध्यप्रदेश के अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कबीरधाम जिले के जलेश्वर दादा डोंगरिया, बाबा भोरमदेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक के लिए पदयात्रा पर निकले हजारों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम में लगातार पहुंचना जारी है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की पहल पर आश्रम में निःशुल्क भोजन, ठहरने, स्वल्पाहार और चिकित्सा सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

मृत्युंजय आश्रम में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए भंडारा एवं प्रसादी की व्यवस्था लगातार जारी है। दूर-दराज से पैदल यात्रा कर पहुंच रहे शिवभक्त यहां विश्राम करने के साथ भोजन और प्रसादी ग्रहण कर आगे की यात्रा के लिए रवाना हो रहे हैं। अब तक 41 हजार से अधिक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं द्वारा निःशुल्क भोजन एवं प्रसादी ग्रहण किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं 17 अगस्त को ही 2 हजार से अधिक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने आश्रम में भोजन एवं प्रसादी ग्रहण किया।

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यात्रा के दौरान हल्के नाश्ते और चाय-बिस्किट की व्यवस्था

कांवड़ियों के प्रस्थान के समय उन्हें सेव, बूंदी सहित हल्का नाश्ता भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य लंबी पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक ऊर्जा उपलब्ध कराना है। विशेषकर बीहड़ जंगलों से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों को रास्ते में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। सुबह के समय श्रद्धालुओं को चाय और बिस्किट भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कबीरधाम के शिवधामों की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों का यह धार्मिक सफर आस्था के साथ सेवा और समर्पण की मिसाल भी बन रहा है। मृत्युंजय आश्रम में पदयात्रियों को भोजन, प्रसादी और विश्राम के साथ स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बोल बम के जयघोष से शिवमय हुआ वातावरण

मृत्युंजय आश्रम परिसर में दिन-रात भक्ति गीतों, ‘बोल बम’ के जयघोष और डमरू की थाप से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। कंधों पर सजी कांवड़ लेकर श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ अपनी यात्रा पूरी करने में जुटे हैं। बड़ी संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने से आश्रम परिसर में उत्साह और धार्मिक माहौल देखने को मिल रहा है।

उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के निर्देश पर जलेश्वर दादा डोंगरिया, बाबा भोरमदेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव जैसे प्रमुख शिवधामों तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए मार्ग में भी ग्राम पंचायतों के माध्यम से पेयजल, विश्राम और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे लंबी पदयात्रा कर रहे शिवभक्तों को राहत मिल रही है।

दिन-रात कांवड़ियों की सेवा में जुटी टीम

मृत्युंजय आश्रम में भंडारे और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर उनकी टीम द्वारा संभाली जा रही है। टीम के सदस्य दिन-रात आश्रम पहुंचने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं। भोजन वितरण से लेकर विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।

आश्रम में मिल रही सुविधाओं से श्रद्धालु भी प्रसन्न नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं ने कहा कि लंबी पदयात्रा के दौरान भोजन, विश्राम और चिकित्सा जैसी सुविधाएं मिलने से उन्हें काफी राहत मिल रही है। उन्होंने इस व्यवस्था के लिए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्रद्धालुओं का कहना है कि अमरकंटक से मां नर्मदा का जल लेकर शिवधामों तक की यह पदयात्रा उनके लिए आस्था और श्रद्धा से जुड़ी है। रास्ते में सेवा और सहयोग मिलने से यात्रा और अधिक सहज बन रही है। सावन माह में कांवड़ियों की यह यात्रा धार्मिक आयोजन के साथ सेवा, सहयोग और जनभागीदारी का भी उदाहरण बन रही है।

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