अमेरा ओपनकास्ट खदान में उपद्रव, ASP सहित कई अधिकारी घायल SECL की 1.0 MTPA क्षमता वाली परियोजना में भूमि विवाद और उकसावे के कारण फिर बाधित हुआ खनन कार्य


बिलासपुर/सरगुजा । साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की अमेरा ओपनकास्ट माइंस एक बार फिर तनाव और उपद्रव का केंद्र बन गई, जब बुधवार 03 दिसंबर 2025 को खदान कार्य के दौरान हिंसक घटनाएँ सामने आईं। परसोडीकला क्षेत्र में खनन के विस्तार को लेकर ग्रामीणों के विरोध ने गंभीर रूप ले लिया, जिसमें पथराव के चलते ASP सहित कई प्रशासनिक अधिकारी घायल हो गए।
परियोजना का इतिहास—अधिग्रहण से लेकर विरोध तक की पृष्ठभूमि
अमेरा ओपनकास्ट खदान 1.0 MTPA क्षमता वाली SECL की महत्त्वपूर्ण परियोजना है, जो सरगुजा ज़िले के बिश्रामपुर क्षेत्र में स्थित है। परियोजना हेतु परसोडीकला, अमेरा, पूहपुटरा और कटकोना गांवों की कुल 664.184 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2001 में अधिग्रहित की गई थी। भूमि का आंशिक कब्जा मिलने पर वर्ष 2011 में खनन कार्य शुरू हुआ, जो वर्ष 2019 तक नियमित रूप से जारी रहा। इसके बाद कुछ ग्रामीणों द्वारा अधिनियमित प्रावधानों से अधिक मुआवज़े की मांग तथा असामाजिक तत्वों के उकसावे के चलते खदान संचालन रोकना पड़ा। इस दौरान कोयला चोरी और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल तत्वों की भूमिका भी सामने आई, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थीं।
2024 में खनन पुनः शुरू, ₹10 करोड़ मुआवज़ा वितरित
राज्य प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद वर्ष 2024 में खदान को पुनः चालू किया गया। प्रभावित परिवारों (PAPs) को निर्धारित मुआवज़ा व पुनर्वास लाभ प्रदान किए गए। परसोडीकला के प्रभावित परिवारों को अब तक लगभग ₹10 करोड़ का मुआवज़ा दिया जा चुका है और R&R समिति की सहमति के अनुसार रोजगार भी उपलब्ध कराया गया है। चरणबद्ध तरीके से अतिरिक्त भूमि का कब्जा भी लिया जा रहा है।
फिर शुरू हुआ विरोध, असामाजिक तत्वों की भूमिका संदिग्ध
जैसे-जैसे खनन गतिविधियाँ परसोडीकला की ओर बढ़ीं, ग्रामीणों को एक बार फिर असामाजिक तत्वों द्वारा उकसाया गया। अधिग्रहित भूमि को खाली न करने के साथ ही उन्होंने हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया। इसी कारण 08 नवंबर 2025 से खनन कार्य बाधित हो गया।
SECL प्रबंधन ने जिला व राज्य प्रशासन को हस्तक्षेप के लिए अनुरोध भी भेजा था।
विवाद के समाधान हेतु पहुँचे अधिकारी—ग्रामीणों ने किया हमला
03 दिसंबर 2025 को सुबह 10 बजे ASP, SDM, तहसीलदार एवं खदान प्रबंधन के अधिकारी विरोध कर रहे ग्रामीणों से वार्ता के उद्देश्य से परियोजना स्थल पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों ने वार्ता के प्रयासों को नजरअंदाज किया और अचानक प्रशासन व पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव में ASP सहित कई अधिकारी व पुलिस कर्मी घायल हो गए।
अपर कलेक्टर भी हुए घायल, भीड़ हुई और उग्र : दोपहर 1 बजे सरगुजा ज़िले के अपर कलेक्टर मौके पर पहुँचे और स्थिति शांत करने का प्रयास किया, परंतु भीड़ और अधिक आक्रामक होती चली गई। अपर कलेक्टर पर भी पथराव किया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं।
अतिरिक्त बल की तैनाती, शाम से खनन पुनः शुरू : स्थिति गंभीर होती देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने उपद्रवी भीड़ को तितर-बितर किया, जिसके बाद खदान परिसर में स्थिति नियंत्रण में आई। इलाके को सुरक्षित किए जाने के बाद खनन उपकरणों को पुनः तैनात किया गया और शाम 5 बजे से खनन कार्य आंशिक रूप से पुनः प्रारंभ कर दिया गया।
जाँच और कार्रवाई की संभावना : घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर बैठक आयोजित की गई है। पथराव में शामिल उपद्रवियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। SECL प्रबंधन ने कहा कि परियोजना जनहित और क्षेत्रीय विकास के लिए महत्त्वपूर्ण है तथा प्रशासन से सुरक्षा और सहयोग की अपेक्षा है।



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