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मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग की सख्त कार्रवाई

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14.63 लाख का मिलावटी पनीर जब्त, 460 किलो मौके पर नष्ट

रायपुर । प्रदेश में आमजन को स्वच्छ, सुरक्षित और पोषणयुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा लगातार औचक निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशन में विभाग ने दुर्ग संभाग सहित रायपुर जिले में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया।

दुर्ग संभाग में बड़े पैमाने पर नमूने संग्रहित

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दुर्ग संभाग के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में विधिक नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

  • दुर्ग जिला – 17 नमूने
  • राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई – 11 नमूने
  • बेमेतरा – 16 नमूने
  • बालोद – 18 नमूने
  • कवर्धा – 8 नमूने

जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मिलावटी पनीर पर बड़ा प्रहार

संभाग के विभिन्न जिलों में विशेष रूप से फूटा चना में अखाद्य रंग और मिलावटी पनीर के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।
राजनांदगांव स्थित रौनक इंटरप्राइजेस, पनीका में स्किम मिल्क पावडर और पाम ऑयल से तैयार किया जा रहा 460 किलो पनीर मौके पर नष्ट कराया गया।
वहीं विशाल मेगा मार्ट, राजनांदगांव में एक्सपायरी उत्पाद मिलने पर प्रकरण दर्ज किया गया।

रायपुर में मिठाइयों पर कार्रवाई

रायपुर जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान गोपी डेयरी एंड स्वीट्स, बोरिया खुर्द में अस्वस्थकर परिस्थितियों में निर्माण और भंडारण पाए जाने पर 200 किलो मिठाई मौके पर नष्ट की गई।
इसके अलावा खोवा, कलाकंद और कृष्णा बर्फी सहित 900 किलो मिठाई जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 1.75 लाख रुपए है।

14.63 लाख रुपए का पनीर जब्त

मिलावटी पनीर के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान में:

  • एस.जे. डेयरी, निमोरा – 4450 किलो पनीर
  • काशी एग्रो फूड, बिरगांव – 500 किलो एनालॉग कॉटेज
  • विवान फूड, मलसाय तालाब, प्रोफेसर कॉलोनी – 500 किलो पनीर

कुल 5450 किलो पनीर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 14 लाख 63 हजार 500 रुपए है। सभी प्रतिष्ठानों से विधिक नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

सर्विलांस प्लान के तहत जांच तेज

खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के सर्विलांस प्लान के तहत खजूर, किशमिश और विभिन्न प्रकार की चॉकलेट के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं।

चलित प्रयोगशाला से त्वरित जांच

चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से त्वरित जांच कर अमानक खाद्य पदार्थ मौके पर नष्ट कराए गए।

  • दुर्ग – 506 नमूने
  • बेमेतरा – 68 नमूने
  • बालोद – 56 नमूने
  • कवर्धा – 119 नमूने

खाद्य कारोबारियों को अखबारी कागज में खाद्य सामग्री की पैकिंग न करने के निर्देश भी दिए गए। दुर्ग जिले में पूर्व में अमानक पाए गए लीची जूस के एक विक्रेता पर न्यायालय द्वारा 85 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

जनस्वास्थ्य के लिए अभियान जारी

खाद्य विभाग का कहना है कि जनसामान्य के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि प्रदेश में स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री सुनिश्चित की जा सके।

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