बैगा ग्राम मौहामाचा में क्षय व कुष्ठ उन्मूलन को लेकर जनजागरण शिविर, 75 ग्रामीणों की हुई जांच

0
IMG-20251231-WA0614.jpg

मुंगेली/लोरमी । जिले के दूरस्थ और पहुँचविहीन बैगा ग्राम मौहामाचा में क्षय (टीबी) एवं कुष्ठ रोग की रोकथाम और समय पर उपचार के उद्देश्य से जनजागरण स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 30 दिसंबर 2025 को जिला प्रशासन के निर्देशानुसार आयोजित हुआ। जिलाधीश कुंदन कुमार के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक गिरीश कुर्रे के निर्देशन में लोरमी विकासखंड के इस बैगा बहुल गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।

सघन कुष्ठ खोज अभियान के तहत आयोजन

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 8 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बैगा आदिवासियों को टीबी एवं कुष्ठ रोग की जांच और उपचार की सुविधा दी जा रही है। शिविर से एक दिन पूर्व कोटवार द्वारा मुनादी कराई गई तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों ने घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार किया।

75 मरीजों की हुई जांच

शिविर में कुल 75 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान

  • टीबी के संदेहास्पद मरीज – 7
  • सामान्य सर्दी-खांसी – 29
  • दाद, खाज-खुजली – 6
  • बुखार – 4
  • हाथ-पैर दर्द – 7
  • हाईपरटेंशन – 2
  • कमजोरी – 10
  • आंख से संबंधित – 2
  • अन्य बीमारियां – 9
    मरीज पाए गए।

टीबी के संदेहास्पद मरीजों के बलगम सैंपल एकत्र कर सीबी-नॉट मशीन से जांच के लिए भेजे जाएंगे, ताकि समय पर बीमारी की पुष्टि कर उपचार प्रारंभ किया जा सके।

दवा, परामर्श और जागरूकता

जिला क्षय एवं कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी डॉ. सुदेश रात्रे द्वारा सभी मरीजों की जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां एवं आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही टीबी और कुष्ठ रोग से बचाव, लक्षण, जांच और उपचार से संबंधित जानकारी देते हुए पाम्पलेट का वितरण किया गया।

टीम का सराहनीय योगदान

इस जनजागरण शिविर को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के डीपीसी अमिताभ तिवारी, डीपीपीएमसी अमित सिंह, पीएमडीटी समन्वयक धीरज रात्रे, आरएचओ शिवपाल धनकर सहित मितानिनों और स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान सराहनीय रहा। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऐसे शिविरों के माध्यम से दुर्गम अंचलों में निवासरत आदिवासी समुदाय को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर टीबी एवं कुष्ठ जैसी गंभीर बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

error: Content is protected !!