17–18 जनवरी को मुंगेली में राष्ट्रीय संगोष्ठी, कुलपति प्रो. वी.के. सारस्वत करेंगे उद्घाटन

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मुंगेली। सोनकर महाविद्यालय मुंगेली में 17 एवं 18 जनवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन पं. सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वी.के. सारस्वत के करकमलों से होगा। कार्यक्रम का आयोजन सोनकर कॉलेज एवं अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसके लिए दोनों संस्थाओं के मध्य विधिवत समझौता ज्ञापन भी किया गया है।

अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के 8 से 9 राज्यों से विद्वान वक्ता, शोधार्थी एवं शिक्षाविद् शामिल होंगे। संगोष्ठी के दौरान डॉ. अनीता सिंह द्वारा संपादित पुस्तक “विकलांग विमर्श की कहानियां – भाग दो” का विमोचन भी किया जाएगा।

डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विकलांग विमर्श की वैचारिक धारा की शुरुआत बिलासपुर से हुई है। परिषद द्वारा अब तक देश-विदेश में दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन तथा अनेक शोध-संदर्भ ग्रंथों का प्रकाशन किया गया है। इसके साथ ही 65 से अधिक निःशुल्क शल्य चिकित्सा शिविर, कृत्रिम अंग वितरण, दिव्यांगों का सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन जैसे सामाजिक कार्य कर परिषद ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। बिलासपुर में 4.30 करोड़ की लागत से निर्मित गीता देवी रामचंद्र अग्रवाल विकलांग अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र को भी इस चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बताया गया।

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राष्ट्रीय महामंत्री मदन मोहन अग्रवाल ने कहा कि सोनकर कॉलेज और परिषद के बीच हुए समझौता ज्ञापन से इस क्षेत्र में दिव्यांगजनों के अधिकार, शिक्षा एवं सामाजिक समावेशिता को नई दिशा मिलेगी। वहीं समन्वयक डॉ. गजेंद्र तिवारी ने कहा कि संगोष्ठी विकलांग व्यक्तियों के अधिकार, समान अवसर और सामाजिक समावेश पर गंभीर विमर्श का अवसर प्रदान करेगी। सहानुभूति के बजाय समान अनुभूति विकसित करने की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष बल दिया।

सोनकर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक एवं समाजसेवी संतुलाल सोनकर ने कहा कि दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक सुविधाओं में समान अधिकार मिलना चाहिए। सोनकर कॉलेज के डायरेक्टर शिव आशीष सोनकर ने ‘दिव्यांग’ शब्द के प्रयोग, सुगम्य भारत अभियान और आपदा के समय विशेष जरूरतों पर प्रकाश डाला। कॉलेज की कोषाध्यक्ष किरण सोनकर ने कहा कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी कॉलेज, जिले और राज्य के लिए गौरव का विषय है।

इस संगोष्ठी में डॉ. रामगोपाल सिंह (गुजरात), डॉ. सुरेश माहेश्वरी (महाराष्ट्र), डॉ. रामनारायण पटेल (दिल्ली), डॉ. रामशंकर भारती (झांसी), डॉ. पायल लिल्हारे (मध्यप्रदेश), डॉ. मीना सोनी (उड़ीसा), डॉ. शारदा प्रसाद (झारखंड), लिप्सा पटेल (उड़ीसा) सहित नौ राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। महाविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह है और पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।

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