बायो डायवर्सिटी पार्क खड़का में पर्यटन विकास की शुरुआत


रायपुर । खड़का को बायो डायवर्सिटी पार्क स्थापित करने के लिए चुना गया है। लगभग 479 हेक्टेयर वनभूमि वाला यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ियों और सालभर उपलब्ध पानी के कारण पर्यटन विकास की बड़ी संभावनाएं रखता है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पार्क के निर्माण से क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत होगी, वनस्पतियों में सुधार आएगा और जैविक दबाव कम होगा। साथ ही, कोसारटेड़ा डेम के साथ यहाँ विकसित होने वाला बायो डायवर्सिटी पार्क पर्यटकों को नया आकर्षण प्रदान करेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। जीवों की विभिन्नता या विविधता, जो पृथ्वी पर मौजूद सभी प्रकार के जीवों के बीच पाई जाती है। इसमें जीवों की विभिन्न प्रजातियाँ, उनके पारिस्थितिक तंत्र और आनुवंशिक विविधता शामिल होती हैं। जैव विविधता का महत्व इसलिए है क्योंकि यह धरती के जीवन को संतुलित और समृद्ध बनाती है। छत्तीसगढ़ के दक्षिण में स्थित बस्तर जिला अपनी घने साल वनों की खूबसूरती और चित्रकोट व तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। बस्तर में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए शासन लगातार नए प्रयास कर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर कोसारटेड़ा डेम के पास स्थित मिश्रित वन क्षेत्र (कक्ष क्रमांक पी-22, पी-23, पी-24, पी-25 और पी-26), जो भानपुरी वन परिक्षेत्र के खड़का परिसर में आता है । विगत दिवस ग्राम खड़का में जैव विविधता एवं पर्यटन विकास कार्यों की औपचारिक शुरुआत की गई। इस अवसर पर उप वनमंडलाधिकारी बस्तर, उड़नदस्ता दल और वनपरिक्षेत्र के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।

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