रायपुर में रोलिंग पेपर व स्मोकिंग कोन की बिक्री पर प्रतिबंध, धारा 163 के तहत आदेश जारी

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रायपुर। शहर में नाबालिगों और युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत रायपुर नगरीय क्षेत्र में रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और पर्फेक्ट रोल के विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और यदि इसे बीच में वापस नहीं लिया गया तो 29 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा।

प्रशासन को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ज्ञापनों, सामाजिक संगठनों एवं जनसामान्य से यह जानकारी मिली थी कि शहर में नाबालिगों और युवाओं द्वारा चरस, गांजा जैसे मादक पदार्थों के सेवन के लिए रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ये सामग्री मादक पदार्थों को आसानी से रखने, छिपाने और सेवन करने का सरल माध्यम बन चुकी है, जिससे नशे की प्रवृत्ति और उससे जुड़ी आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया कि इन उत्पादों में टाइटेनियम ऑक्साइड, पोटेशियम नाइट्रेट, आर्टिफिशियल डाई, कैल्शियम कार्बोनेट और क्लोरीन ब्लीच जैसे हानिकारक रसायन पाए जाते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। इसके बावजूद रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन पान की दुकानों, परचून/किराना दुकानों, चाय की दुकानों, कैफे और रेस्टोरेंट जैसे सहज उपलब्ध स्थानों पर खुलेआम बेचे जा रहे थे, जिससे नाबालिगों तक इनकी आसान पहुंच हो रही थी।

राज्य सरकार द्वारा 21 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के आधार पर पुलिस आयुक्त को उनके क्षेत्राधिकार में यह प्रतिबंध लगाने की शक्ति प्रदान की गई थी। इसी क्रम में कानून-व्यवस्था और जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को रोकने तथा आमजन की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आदेश पारित किया गया है।

समय की तात्कालिकता को देखते हुए यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के तहत एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति, संस्था या पक्ष इस आदेश में छूट या शिथिलता चाहता है तो वह विधिवत आवेदन प्रस्तुत कर सकता है, जिस पर सुनवाई के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश या इसके किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आदेश 29 जनवरी 2026 को जारी किया गया है और तत्काल प्रभावशील है।

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