अमरकंटक में गोंडवाना समाज रंग पंचमी को धूर पंचमी “सृष्टि दिवस” के रूप में मनाया ,

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बंजारा समाज ने भी मनाया रंगपंचमी , निकाला भव्य जुलूस

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थलों में से एक जहां चैत्र मास कृष्ण पक्ष पंचमी के अवसर पर रंग पंचमी का पर्व गोंडवाना समाज द्वारा भव्य एवं पारंपरिक ढंग से धूर पंचमी – सृष्टि दिवस के रूप में मनाया गया । इस अवसर पर नगर के मेला मैदान में विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में समाजजन शामिल हुए ।
गोंडवाना समाज में रंग पंचमी को परंपरागत रूप से धूर पंचमी एवं सृष्टि दिवस के रूप में मनाने की परंपरा रही है । कार्यक्रम के दौरान पूजन-अर्चन के साथ पंच शक्ति के प्रतीक रूप में कलश स्थापना की गई तथा श्रद्धा और भक्ति भाव से आरती संपन्न हुई । इसके बाद पारंपरिक लोकगीत , लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया ।
इस भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ , महाराष्ट्र , उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आए गोंडवाना समाज के हजारों पुरुष-महिलाओं ने भाग लेकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई ।


कार्यक्रम की अध्यक्षता गोंडवाना समाज के गुरु दादा दुर्गे भगत , जगत कथा गुरु माता दुलेश्वरी दाई ने की । मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उपस्थित रहे । विशिष्ट अतिथियों में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं डिंडोरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम , पूर्व मंत्री एवं विधायक कमलेश्वर पटेल , पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को , बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा , विधायक बरकड़े , अनूपपुर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रमेश सिंह , जनपद पंचायत जैतहरी अध्यक्ष राजीव सिंह , रेवा सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और सामाजिक पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुरु माता दुलेश्वरी दाई ने कहा कि गोंडवाना समाज प्रकृति के गहराई से जुड़ा हुआ है और जल , जंगल , जमीन , पहाड़ तथा वायु ही हमारी वास्तविक धरोहर हैं । उन्होंने कहा कि प्रकृति वही है जो ईश्वर द्वारा निर्मित है । उन्होंने बताया कि प्रकृति संरक्षण के लिए उनके द्वारा 10 लाख से अधिक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया है ।
वहीं मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी कहा कि आदिवासी समाज की अपनी अलग पहचान और परंपरा है । उन्होंने आदिवासी धर्म को अलग धर्म कोड के रूप में मान्यता दिलाने की मांग को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया और कहा कि इस विषय को राष्ट्रपति तक भी उठाया जाएगा ।
डिंडोरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज की पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखना होगा और समाज की एकजुटता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है ।

बंजारा समाज ने भी मनाई रंग पंचमी

रंग पंचमी के अवसर पर अमरकंटक में नायक बंजारा समाज ने भी इस पर्व को बड़े उत्साह और पारंपरिक ढंग से मनाया । वार्ड क्रमांक 15 में विधिवत पूजन-अर्चन के बाद समाजजनों ने भजन-कीर्तन , नृत्य और अबीर-गुलाल के साथ नर्मदा मंदिर तक विशाल जुलूस निकाला ।
जुलूस में महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते हुए शामिल हुए । कार्यक्रम की शुरुआत रेवा नायक के नेतृत्व में पूजन-अर्चन से हुई । इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को , जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष आशुतोष कुमार तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे । पुष्पराजगढ़ एवं अनूपपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में बंजारा समाज के लोग शामिल हुए ।

अमरकंटक के नर्मदा घाटों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रंग पंचमी के पावन अवसर पर अमरकंटक में हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री पहुंचे । भक्तों ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट , कोटितीर्थ घाट और गांधी कुंड में आस्था की डुबकी लगाकर स्नान किया तथा उद्गम स्थल में दर्शन-पूजन किया ।
सुबह से ही स्नान और दर्शन का क्रम शुरू हो गया था जो दोपहर तक चलता रहा । पर्व के अवसर पर नगर में हजारो श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई और पूरा अमरकंटक क्षेत्र उत्सव एवं आस्था के रंग में सराबोर नजर आया ।

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