कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक में लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

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जल संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोख्ता गड्ढों पर कलेक्टर का विशेष जोर

विनय सिंह ब्यूरो बेमेतरा

बेमेतरा । कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई ने आज कलेक्टरेट के दिशा सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

प्रधानमंत्री आवास, बिहान और शिक्षा विभाग की समीक्षा
बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत मास्टर रोल की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अपूर्ण प्रविष्टियों को शीघ्र पूर्ण करने और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
इसी तरह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों की समीक्षा की गई। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान पहली से दसवीं कक्षा तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के प्रमाण-पत्र बनाए जाने की प्रगति की भी जानकारी ली गई।

बायोमेट्रिक उपस्थिति और लंबित प्रकरणों पर सख्ती
कलेक्टर ने सभी विभागों में अनिवार्य बायोमेट्रिक उपस्थिति की स्थिति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करें। उन्होंने कहा कि समय-सीमा की बैठक में लंबित पत्रों और प्रकरणों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड तथा आयुष्मान वय वंदन कार्ड की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा चिरायु योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र, जननी सुरक्षा योजना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

कृषि, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम सूर्यघर योजना पर जोर
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत जिले में हो रही प्रगति की भी समीक्षा की गई।

मिशन वात्सल्य और स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा
कलेक्टर ने मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की जानकारी ली तथा राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए स्वामित्व योजना के अंतर्गत संपत्ति कार्ड वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की।

लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के कड़े निर्देश
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उन्हें सौंपे गए सभी कार्यों और लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि समय-सीमा की बैठकों में इनकी निरंतर समीक्षा की जाएगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर विलंब या उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर
बैठक में कलेक्टर ने जिले में जल संरक्षण, संवर्धन और संग्रहण के लिए सभी ग्राम पंचायतों में सोख्ता गड्ढों और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी ग्रीष्म ऋतु और गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी शासकीय भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और पंचायत सचिवालयों में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएं तथा हैंडपंपों और सार्वजनिक नलों के पास वैज्ञानिक पद्धति से सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया जाए, जिससे भू-जल स्तर में सुधार हो सके। इसके लिए मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) और 15वें वित्त आयोग के कार्यों के अभिसरण के निर्देश भी दिए गए।

जनगणना कार्य को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित जनगणना कार्य को लेकर भी अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसे सभी संबंधित अधिकारी सर्वोच्च प्राथमिकता और पूर्ण संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा में पूरा करें। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाती है, इसलिए डेटा प्रविष्टि और गणना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले प्रगणकों को आम नागरिकों से जानकारी लेते समय विनम्र और संवेदनशील व्यवहार रखने के भी निर्देश दिए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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