फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने का खेल उजागर, सरगांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई

0
IMG-20260401-WA1130

15 लाख की धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

मुंगेली। जिले में भूमि संबंधी धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए सरगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में की गई, जिसमें कुटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन का फर्जी नामांतरण कर लाखों रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पकड़ा गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी सुनील छाबड़ा (63 वर्ष), निवासी बिलासपुर ने थाना सरगांव में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह डी.आर.एस. फार्मस नामक फर्म के पार्टनर हैं और भूमि संबंधी व्यवसाय करते हैं। कुछ समय पूर्व उनके परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात प्रॉपर्टी डीलर छगनलाल वर्मा से हुई थी, जिसके बाद वर्ष 2022 में एक इकरारनामा किया गया। इस इकरारनामे के तहत भूमि से जुड़े सभी कार्य—जैसे नामांतरण, सीमांकन और राजस्व विभाग की प्रक्रियाएं—छगनलाल वर्मा को सौंप दी गई थीं।

पुरानी खरीदी जमीन को दोबारा बेचकर रचा गया षड्यंत्र

जांच के दौरान यह सामने आया कि ग्राम मदकू स्थित भूमि, जिसे पहले ही वर्ष 1975 में जॉन एन्ड्रेस द्वारा खरीदा जा चुका था, उसे नामांतरण की प्रक्रिया पूरी न होने का फायदा उठाकर दोबारा बेच दिया गया। आरोपी छगनलाल वर्मा और भूमि स्वामी फिरंता दास पात्रे ने आपसी साजिश कर उक्त जमीन को डी.आर.एस. फर्म के नाम पर दोबारा पंजीकृत करवा दिया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए नकली आधार कार्ड और फर्जी विक्रय दस्तावेजों का उपयोग किया। आरोपी ने खुद ही विक्रयनामा में साक्षी बनकर लेन-देन की प्रक्रिया को वैध दिखाने का प्रयास किया और करीब 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

फर्जी दस्तावेज जब्त, आरोपी ने कबूला अपराध

सरगांव पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड और विक्रयनामा की प्रतियां जब्त की हैं। पूछताछ में आरोपी छगनलाल वर्मा ने अपराध करना स्वीकार कर लिया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उसे 31 मार्च 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

कई धाराओं में दर्ज हुआ अपराध

इस मामले में थाना सरगांव में अपराध क्रमांक 41/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं—318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) एवं 3(5)—के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

इस पूरे प्रकरण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में सरगांव पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थाना प्रभारी संतोष शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी और दस्तावेजी जांच के जरिए मामले का खुलासा किया।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि भूमि क्रय-विक्रय के दौरान सभी दस्तावेजों की विधिवत जांच अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी पर अंकुश लगाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

error: Content is protected !!