अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस पर बिलासपुर में भव्य संगोष्ठी, पुलिस-समाज के साझा प्रयास की सराहना

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
चेतना भवन में हुआ आयोजन, एसएसपी रजनेश सिंह सहित न्यायमूर्ति, कुलपति व सामाजिक संगठनों की गरिमामयी उपस्थिति

बिलासपुर । अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस के अवसर पर बिलासपुर में “अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह–2026” का भव्य आयोजन पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन बिलासपुर पुलिस, नागरिक संगठनों एवं विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें समाज, प्रशासन और बौद्धिक वर्ग का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं एनजीओ द्वारा सम्मान किया गया। इस दौरान बिलासपुर पुलिस द्वारा संचालित “चेतना” अभियान के आठों आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई और सामाजिक बुराइयों तथा अपराध नियंत्रण में इसके प्रभाव को सराहा गया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. विनय कुमार पाठक (कुलपति, थावे विद्यापीठ, बिहार) ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को सबसे अधिक आवश्यकता चेतना और जागरूकता की है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में चलाया जा रहा चेतना अभियान पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

अपने संबोधन में एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए पुलिस और जनता के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। “चेतना” अभियान इसी दिशा में एक मजबूत कड़ी है, जो समाज में जागरूकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा दे रहा है।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। मास्टर तनिष्क ने गीतों की प्रस्तुति दी, वहीं 8 वर्षीय मयंशी खंडेलवाल ने “जिंदगी प्यार का गीत है” गाकर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।

इस अवसर पर अनेक सामाजिक, शैक्षणिक और साहित्यिक संगठनों जैसे बिलासपुर एजुकेशन वेलफेयर, लायंस क्लब, परिवर्तन संस्था, मुस्लिम जमात, अग्रहरि समाज, दाऊदी बोहरा जमात, विभिन्न फाउंडेशन और सेवा संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में एनएचआईसीएफ (NHICF) द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी, समाजसेवी और विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। इनमें सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप यादव, उमा ध्रुव, राम प्रसाद सिंह यादव, विजय चौधरी, ऊमा शंकर पांडेय, सैयद जावेद अली, जे.पी. निषाद, सिमरन तिलरेजा, प्रभाकर तिवारी सहित अन्य शामिल रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बाजपेयी ने की। उन्होंने कहा कि कानून और समाज तभी मजबूत होते हैं जब नागरिक जागरूक हों। वहीं पं. संजय दुबे (सीएमडी कॉलेज), अजित मिश्रा (प्रेस क्लब अध्यक्ष) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर “चेतना की जनक्रांति” की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने पर बल दिया गया।

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