भिलाई इस्पात संयंत्र में नया कीर्तिमान: स्टील लेडल की आयु 143 हीट्स तक पहुँची

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भिलाई । सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र के इस्पात गलन शाला–2 (Steel Melting Shop–2) ने परिचालन उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित करते हुए स्टील लेडल की आयु 143 हीट्स तक पहुंचाकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इससे पूर्व अधिकतम लेडल लाइफ 140 हीट्स दर्ज की गई थी। यह उपलब्धि संयंत्र की उन्नत तकनीकी क्षमता, सतत निगरानी और सुव्यवस्थित अनुरक्षण प्रणाली का प्रतिफल है।

संयंत्र प्रबंधन के अनुसार, लेडल संख्या–31 का अभियान 16 जनवरी 2025 से प्रारंभ किया गया था। इस दौरान प्रत्येक हीट के पश्चात लेडल बे ऑपरेशन टीम एवं रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण और निगरानी सुनिश्चित की गई। मध्यवर्ती अनुरक्षण के दौरान बॉटम, मेटल जोन और स्लैग जोन पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे लेडल की कार्यक्षमता और जीवन अवधि में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी। स्टील लेडल सेट की आपूर्ति सेल रिफ्रैक्टरी कंपनी लिमिटेड द्वारा की गई।

कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिए इस्पात गलन शाला–2 और रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग की टीम की सराहना करते हुए इसे संयंत्र की तकनीकी प्रगति और परिचालन दक्षता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने टीम को भविष्य में और उच्च मानक स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।

इस उपलब्धि में मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्टरी) प्रसेनजित दास और मुख्य महाप्रबंधक (इस्पात गलन शाला–2) सुशांत कुमार घोषाल के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग ने समयबद्ध मरम्मत के माध्यम से लेडल के विभिन्न जोनों की गुणवत्ता सुनिश्चित की, जबकि इस्पात गलन शाला–2 की टीम ने अत्यंत सावधानीपूर्वक निगरानी कर रिकॉर्ड लाइनिंग लाइफ हासिल की।

इस उपलब्धि से लेडल की उपलब्धता में वृद्धि, उत्पादन क्षमता में सुधार और लागत में कमी जैसे महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुए हैं। साथ ही, यह पहल तकनीकी-आर्थिक दक्षता को सुदृढ़ करने और प्रति टन रिफ्रैक्टरी खपत के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संयंत्र प्रबंधन ने बताया कि इस सफलता में महाप्रबंधक (इस्पात गलन शाला–2)  रविकांत, उप महाप्रबंधक (रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग)  जितेन्द्र शर्मा, उप महाप्रबंधक (इस्पात गलन शाला–2)  सिसिर कुमार महापात्र, सहायक महाप्रबंधक  राकेश सिंह ठाकुर एवं  मयंक समैया सहित अन्य अधिकारियों और शिफ्ट इंचार्जों की सक्रिय भूमिका रही।

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