बैगा ग्राम पटपरहा में क्षय व कुष्ठ उन्मूलन हेतु जनजागरण शिविर, 54 मरीजों की हुई जांच

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मुंगेली । जिले के दूरस्थ एवं पहुंचविहीन बैगा ग्राम पटपरहा (विकासखंड लोरमी) में गुरुवार को क्षय (टीबी) एवं कुष्ठ उन्मूलन को लेकर जनजागरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों को जांच एवं उपचार के साथ-साथ जागरूकता संबंधी जानकारी भी दी गई।

शिविर का आयोजन कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधन के मार्गदर्शन में किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रूप से ऐसे सुदूर क्षेत्रों में शिविर लगाकर टीबी एवं कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

पूर्व सूचना के बाद ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
शिविर के आयोजन से एक दिन पूर्व गांव में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई गई, वहीं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों द्वारा घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार किया गया। इसके चलते ग्रामीणों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली।

54 मरीजों की जांच, कई संदिग्ध चिन्हित
शिविर के दौरान कुल 54 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 6 मरीज टीबी के संदिग्ध पाए गए, जिनके बलगम के नमूने सीबीनॉट मशीन से जांच हेतु एकत्र किए जा रहे हैं। इसके अलावा 8 सर्दी-खांसी, 7 दाद-खाज-खुजली, 5 बुखार, 2 शुगर, 5 बीपी, 3 पाइल्स, 7 हाथ-पैर दर्द, 8 कमजोरी, 1 कान एवं 2 आंख से संबंधित मरीजों का उपचार किया गया।

विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा उपचार व परामर्श
शिविर में जिला क्षय एवं कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी डॉ. सुदेश रात्रे द्वारा सभी मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाइयां एवं परामर्श प्रदान किया गया। उन्होंने ग्रामीणों को टीबी एवं कुष्ठ रोग के लक्षण, बचाव एवं समय पर उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

जागरूकता के लिए पाम्पलेट वितरण
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को जागरूक करने हेतु पाम्पलेट वितरित किए गए तथा रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि समय पर जांच और उपचार से इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

टीम का रहा सराहनीय योगदान
इस जनजागरण शिविर को सफल बनाने में जिला कार्यक्रम समन्वयक अमिताभ तिवारी, पीएमडीटी समन्वयक धीरज रात्रे, आरएचओ सुन्दर लाल यादव, भावना शैनी तथा मितानिनों का योगदान सराहनीय रहा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह के शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और गंभीर बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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