मस्तूरी सहकारी समिति में करोड़ों के गबन का आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

बिलासपुर । मस्तूरी क्षेत्र की वृहतकार सेवा सहकारी समिति में भारी वित्तीय अनियमितताओं और गबन का मामला सामने आया है। इस संबंध में जनदर्शन के माध्यम से कलेक्टर को शिकायत सौंपकर विस्तृत जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान संस्था प्रबंधक मनोज कुमार रात्रे, प्रभारी प्रबंधक मानिकलाल पात्रे, कंप्यूटर ऑपरेटर सुखसागर जांगड़े एवं लिपिक कृष्ण कुमार करियारे द्वारा खाद, बीज वितरण और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जुड़े लेनदेन में करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। इससे समिति और शासन को भारी आर्थिक नुकसान होने की बात कही गई है।


शिकायत के अनुसार, समिति और उपकेन्द्र रिस्दा में खाद का फर्जी वितरण दिखाकर बाजार में बेचने तथा भंडारित खाद के परिवहन के नाम पर फर्जी भुगतान कर लाखों रुपये की हेराफेरी की गई। वहीं केसीसी खातों से भी अवैध रूप से राशि निकालकर समिति के अन्य खातों में समायोजित करने का आरोप है।
इसके अलावा धान खरीदी के दौरान फर्जी सील का उपयोग कर विभिन्न खातों से राशि आहरण करने तथा समिति की साख को नुकसान पहुंचाने की बात भी सामने आई है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि सेवा नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रबंधक द्वारा अपने रिश्तेदारों एवं बाहरी लोगों से समिति का कार्य कराया जा रहा है, जबकि समिति में पर्याप्त कर्मचारी मौजूद हैं।
गंभीर आरोप यह भी है कि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ पूर्व में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उन्हें पुनः कार्य पर रखा गया है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं एक प्रभारी प्रबंधक के खिलाफ राजनीतिक प्रभाव के चलते एफआईआर दर्ज नहीं होने का आरोप भी लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच अन्य विभागीय अधिकारियों से कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और गबन की राशि की वसूली की जाए, ताकि समिति के अन्य कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके।
इस मामले की प्रतिलिपि संयुक्त आयुक्त सहकारिता बिलासपुर संभाग, उपआयुक्त सहकारिता एवं सीईओ सहकारिता मस्तूरी को भी भेजी गई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।

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