अमरकंटक के गुरुद्वारा में दो दिवसीय बैसाखी महापर्व श्रद्धा , सेवा और उत्साह पूर्ण मनाया जा रहा

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प्रातः प्रभात फेरी , विशाल यात्रा , नगर कीर्तन और पंज प्यारों की अगुवाई में गूंजा

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी जो मध्यप्रदेश की प्रमुख धार्मिक , आध्यात्मिक एवं पर्यटन नगरी है । अमरकंटक स्थित गुरु नानक गुरुद्वारा में इन दिनों बैसाखी महापर्व की पावन आभा से आलोकित हो रहा है । जहां श्रद्धा , सेवा , समर्पण और भाईचारे के प्रतीक इस दो दिवसीय बैसाखी पर्व उत्सव का आयोजन अत्यंत धार्मिक विधि-विधान , पारंपरिक मर्यादा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हो रहा है ।
गुरुद्वारा परिसर में 19 अप्रैल 2026 से श्रद्धा के साथ लगातार तीन पाठ का आयोजन प्रारंभ हुआ था जिससे सम्पूर्ण वातावरण गुरुबाणी और भक्ति रस से सराबोर रहा । बैसाखी पर्व के शुभ अवसर पर 25 अप्रैल दिन शनिवार की प्रातः बेला में सुबह 5 बजे प्रभात फेरी निकाली गई जिसमें पुरुषों , महिलाओं एवं युवाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए पूरे नगर में श्रद्धा और भक्ति का संदेश प्रसारित किया । प्रभात फेरी के दौरान संगत “वाहे गुरु” के जयघोष के साथ भक्ति भाव में लीन दिखाई दीये ।
इसी दिन गुरु नानक गुरुद्वारा प्रांगण से बैसाखी पर्व के पावन अवसर पर पंज प्यारों की रहनुमाई एवं सरपरस्ती में विशाल नगर संकीर्तन यात्रा निकाली गई । यह नगर संकीर्तन नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा जहां श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा , पुष्प छिड़काव एवं आतिशबाजी कर स्वागत किया । नगर संकीर्तन यात्रा के दौरान सिख समाज के पुरुष एवं महिलाएं भजन-कीर्तन करते हुए धर्ममय वातावरण का निर्माण करते रहे ।

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विशेष आकर्षण के रूप में उत्साही एवं जांबाज युवकों द्वारा मनोहारी एवं आकर्षक गतका (धार्मिक युद्धकला) का प्रदर्शन किया गया जिसने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया । नगर कीर्तन में भव्य रूप से सुसज्जित रथ पर विराजमान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अत्यंत श्रद्धा , पूजा-अर्चना एवं चंवर सेवा के साथ शोभायात्रा निकाली गई जिसने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया ।
26 अप्रैल 2026 दिन रविवार को बैसाखी महापर्व के पावन उपलक्ष्य में गुरु नानक गुरुद्वारा परिसर में विशाल लंगर का आयोजन किया जाएगा । गुरुद्वारा प्रबंधन समिति द्वारा अधिकाधिक संख्या में श्रद्धालुओं से उपस्थित होकर गुरु का प्रसाद ग्रहण करने तथा सेवा भावना में सहभागी बनने की अपील की गई है ।
इस भव्य आयोजन में गुरु नानक गुरुद्वारा के प्रमुख सरदार जंग सिंह , सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर अमनदीप सिंह , रायपुर से चरणजीत सिंह , बिलासपुर से सुभाष सुवन्नी एवं महेंद्र सुवन्नी , पेंड्रा रोड से सरदार सुखदेव सिंह ग्रेवाल , गुरुद्वारा के ग्रंथी सरदार विनय सिंह सहित पेंड्रा , गौरेला , बिलासपुर , रायपुर , शहडोल , बुढार , मनेंद्रगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से सिख समाज के सैकड़ों पुरुष एवं महिलाएं शामिल हुए हैं ।
बैसाखी पर्व के इस भव्य आयोजन ने अमरकंटक की पावन धरती पर श्रद्धा , सेवा , समरसता और मानवता का अनुपम संदेश पुनः जीवंत कर दिया है । गुरुद्वारा परिसर में उमड़ी संगत ने यह सिद्ध कर दिया कि बैसाखी केवल एक पर्व नहीं बल्कि सेवा , त्याग , समर्पण और आध्यात्मिक जागरण का महोत्सव है ।

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