नकाबपोश हमलावरों पर बिलासपुर पुलिस का “प्रहार”, मस्तूरी शूटआउट के 7 आरोपी गिरफ्तार।

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बिलासपुर । मस्तूरी क्षेत्र में हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस ने 07 आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह पूरा मामला आपसी रंजिश और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा बताया जा रहा है। एसीसीयू (सायबर सेल) बिलासपुर और थाना मस्तूरी की संयुक्त टीम ने इस प्रकरण में 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर नकाबपोश हमलावरों की पहचान कर गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से देशी पिस्टल, कट्टा, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

घटना की पृष्ठभूमि
मिली जानकारी के अनुसार, मस्तूरी जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह और मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत के परिवार के बीच जमीन के क्रय-विक्रय, अतिक्रमण और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर पिछले कई वर्षों से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच पहले भी मस्तूरी और सिविल लाइन थानों में अपराध दर्ज हो चुके हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विश्वजीत अनंत ने नितेश सिंह और उनके परिजनों को जान से मारने की नीयत से अपने भाइयों और अन्य साथियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। उसने नितेश सिंह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। आरोपी को मालूम था कि नितेश सिंह रोजाना शाम को जनपद पंचायत कार्यालय मस्तूरी के सामने अपने साथियों के साथ बैठते हैं। पहला हमला 25 अक्टूबर को करने की योजना थी, लेकिन किसी कारणवश यह विफल रही। इसके बाद 28 अक्टूबर 2025 की शाम करीब 6 बजे, आरोपियों ने दो मोटरसाइकिलों में सवार होकर मेन रोड मस्तूरी पर पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग की। लगातार हुई गोलियों की बौछार से पूरा इलाका दहशत में आ गया। हमले में नितेश सिंह के साथी राजू सिंह और चंद्रभान सिंह को गोली लगी, जिन्हें गंभीर हालत में अपोलो अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया।

पुलिस की सक्रियता और जांच
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने तुरंत टीम गठित की। सायबर सेल और थाना मस्तूरी की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण के साथ-साथ 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले, जिससे नकाबपोश हमलावरों की पहचान संभव हो सकी। कड़ी मेहनत और लगातार निगरानी के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से देशी पिस्टल, कट्टा, मैगजीन, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए।

गिरफ्तार आरोपी
1. विश्वजीत अनंत, पिता स्व. बलराम अनंत (29 वर्ष), निवासी ग्राम मोहतरा, थाना मस्तूरी
2. अरमान उर्फ बलमजीत अनंत, पिता स्व. बलराम अनंत (29 वर्ष), निवासी ग्राम मोहतरा, थाना मस्तूरी
3. चाहत उर्फ विक्रमजीत, पिता स्व. बलराम अनंत (19 वर्ष), निवासी ग्राम मोहतरा, थाना मस्तूरी
4. मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस, पिता मोहम्मद मुख्तार (29 वर्ष), निवासी भारतीय नगर, वार्ड 24, मस्जिद चौक, थाना सिविल लाइन
5. मोहम्मद मतीन उर्फ मॉन्टू, पिता मोहम्मद मुख्तार (22 वर्ष), निवासी अटल आवास कोनी, थाना कोनी
6. दो विधि से संघर्षरत किशोर

जप्त सामान
देशी पिस्टल – 2 नग
देशी कट्टा – 1 नग
मैंगजीन – 5 नग
जिंदा कारतूस – 4 नग
खाली खोखा (कारतूस) – 13 नग
चली हुई बुलेट – 10 नग
मोबाइल फोन – 5 नग

रंजिश का वित्तीय पहलू भी आया सामने
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि तारकेश्वर पाटले नामक व्यक्ति ने आरोपी विश्वजीत अनंत को ₹1 लाख नगद दिए थे, जिसे उसने अन्य आरोपियों में बांटा। पुलिस इस वित्तीय लेनदेन और अन्य संभावित साजिशकर्ताओं की भूमिका की तस्दीक कर रही है।

पुलिस का सख्त रुख
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि बिलासपुर पुलिस का यह “प्रहार” अपराधियों को स्पष्ट संदेश देता है कि कानून से कोई ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच जारी है और सभी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अपराध क्रमांक:
736/25, धारा 109, 3(5) बी.एन.एस., 25/27 आम्र्स एक्ट
थाना – मस्तूरी, जिला बिलासपुर (छ.ग.)

संक्षेप में:
घटना: मस्तूरी में गोलीबारी
गिरफ्तार: 7 आरोपी (2 नाबालिग सहित)
जप्त: हथियार, कारतूस, मोबाइल
कारण: जमीन विवाद और राजनीतिक वर्चस्व
पुलिस नेतृत्व: एसएसपी रजनेश सिंह
विवेचना: जारी

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