आईजी दीपक झा ने ली दोष मुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक

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अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
सरगुजा । पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा द्वारा आज जिला सुरजपुर में रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित कर कुल 883 प्रकरणों विस्तृत अवलोकन किया गया। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जिस प्रकरण में अपराधी बार-बार अपराध कर रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जावे , ऐसे लोग अगर जमानत पर हैं ताे माननीय न्यायालय में आवेदन देकर जमानत निरस्त कराया जाये और साथ ही अपराधियों पर विशेष निगरानी रखी जाये। अधिकांश प्रकरणों में  दोष मुक्त होने के बाद भी अपराधी द्वारा पुनःअपराध किया जाता है एवं बार-बार अपराध कर समाज में भय का माहौल बना रहे हैं , उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाये। यदि कोई अपराधी जमानत पर बाहर रहकर पुनः अपराध कर रहा है , तो उसकी जमानत निरस्त कराने के लिये तत्काल माननीय न्यायालय में पहल की जाये। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में संलिप्त आदतन अपराधियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई किये जाने एवं अपराधियों की दोषसिद्धि प्रतिशत दर में वृद्धि हो सके और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके। साथ ही अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से कमाये हुये धन की कुर्की नीलामी करने के उद्देश्य से फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन कर उनके विरुद्ध कार्यवाही करने के संबंध में भी विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में आईजी झा ने गंभीर प्रकरणों में विवेचकों द्वारा विवेचना में किये जाने वाले त्रुटियों को दूर करने हेतु भौतिक साक्ष्यों को फोटो ग्राफी , वीडियो ग्राफी कर साक्ष्यों को सावधानी से एकत्र करने एवं त्रुटियों में सुधार करने हेतु अभियोजन अधिकारियों के समक्ष विस्तृत चर्चा किया गया। होस्टाईल हो रहे प्रार्थी एवं गवाहों को उनके द्वारा दिये गये अभिमत/कथन पर कायम रहने हेतु विवेचकों को प्रकरण के प्रार्थियों के साथ निरंतर सम्पर्क में रहने हेतु निर्देशित किये। जिससे की प्रकरण के प्रार्थी एवं गवाह अपने कथन को न्यायालय में निर्भिक एवं स्वतंत्र रूप से कथन दे सके , ताकि आरोपी न्यायालय से विचारणों उपरांत दोष सिद्ध हो सके एवं अपराधी द्वारा उसके किये गये अपराधों के एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर समुचित सजा मिल सके। महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित गंभीर प्रकरणों में जैसे अनाचार एवं पास्को एक्ट जैसे गंभीर प्रकरणों में आईजी दीपक कुमार झा ने बताया कि एफआईआर के पश्चात नवीन कानून के तहत समयावधि के भीतर अनिवार्य रूप से चालान पेश किया जावे। प्रार्थी/पीड़िता जिनका न्यायालय में 183 बीएनएसएस के अंर्तगत कथन लिया गया है , वो अगर न्यायालय में ट्रायल के दौरान होस्टटाईल होते हैं तो उनके विरुद्ध धारा 307 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्यवाही हेतु लोक अभियोजक के माध्यम से माननीय न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही एनडीपीएस एक्ट/आबकारी एक्ट एवं सड़क दुर्घटनाओं के प्रकरणों में हो रहे दोषमुक्ति के कारणों की समीक्षा कर विवेचना में आवश्यक लाने के निर्देश दिये गये। समीक्षा बैठक के दौरान डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर , एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल , एसपी कोरिया रवि कुर्रे , एसपी एमसीबी रत्ना सिंह , एएसपी बलरामपुर विश्व दीपक त्रिपाठी , पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पत्थलगांव जशपुर डॉ. ध्रुवेश जायसवाल सहित रेंज के समस्त जिला अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे।

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