संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम — असहाय परिवारों के लिए बना जीवन का सहारा ग्राम कोसाबाड़ी, जिला मुंगेली में विकलांग जनक गिरी के परिवार को मिली बड़ी राहत


मुंगेली। गरीब,असहाय और जरूरतमंद परिवारों की सेवा को समर्पित संत रामपाल जी महाराज जी की “अन्नपूर्णा मुहिम” इन दिनों मानवता की सच्ची मिसाल बन चुकी है। इस मुहिम के तहत मुंगेली जिले के ग्राम कोसाबाड़ी (पोस्ट – घानाघाट, ब्लॉक – लोरमी) में 12 नवंबर 2025 को एक विकलांग परिवार को राहत सामग्री प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम कोसाबाड़ी निवासी जनक गिरी गोस्वामी (50 वर्ष) जो बचपन से ही विकलांग हैं, पिछले 18 महीनों से लकवा से भी पीड़ित हैं। वे पूरी तरह बिस्तर पर निर्भर हैं और दैनिक कार्यों के लिए भी चलने-फिरने में असमर्थ हैं। उनका संपूर्ण जीवन उनकी पत्नी पुष्पा बाई (42 वर्ष) की देखभाल पर निर्भर है। परिवार में छह सदस्य हैं — जनक गिरी, उनकी पत्नी पुष्पा बाई, बेटियाँ श्रद्धा (17) और मालती (15), बेटे हिमांशु (12) और मयंक (10)। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। जनक गिरी को ₹500 मासिक विकलांग पेंशन तथा पत्नी को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत ₹1000 मासिक सहायता मिलती है। परिवार के पास लगभग 66 डिसमिल भूमि है, जिससे सालभर में मात्र ₹10,000 की आय होती है, जो इलाज में ही खर्च हो जाती है। परिवार के सबसे छोटे बेटे मयंक का पैर पाँच वर्ष पूर्व टूटा था, जिसकी जांघ में अब तक रॉड लगी हुई है, जिसका इलाज आर्थिक तंगी के कारण नहीं हो पाया। परिवार के पास न पशुधन है, न कोई बैंक बैलेंस। शासन से मिलने वाला 35 किलो चावल महीने भर भी नहीं चल पाता। ऐसे में जीवन निरंतर संघर्षों से भरा है। इसी कठिन परिस्थिति में संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम जनक गिरी के परिवार के लिए वरदान बनकर आई। मुहिम के अंतर्गत सेवा दल के सदस्यों ने परिवार को आवश्यक खाद्य व घरेलू वस्तुएं उपलब्ध कराईं, जिनमें शामिल थीं — 25 किग्रा चावल, 5 किग्रा आटा, 5 किग्रा प्याज, 5 किग्रा आलू, 2 लीटर सरसों तेल, विभिन्न मसाले, नमक, 4 किग्रा चीनी, चाय, दूध पाउडर, चार प्रकार की दालें, बेसन, दालिया, साबुन, वाशिंग पाउडर, 2-2 जोड़ी कपड़े, 5 जोड़ी चप्पल, 2 पलंग, 2 चादर, 3 कंबल, 2 कुर्सी, 1 सीलिंग फैन, 2 स्कूल बैग, कॉपियाँ और पेन।
लाभार्थी जनक गिरी गोस्वामी ने भावुक होकर कहा — “संत रामपाल जी महाराज जी ने हमारे परिवार की पुकार सुन ली। उन्होंने जो सहायता भेजी है, उससे हमें बहुत राहत मिली है। हम उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं और उन्हें सच्चा भगवान मानते हैं।”
ग्राम के वरिष्ठ नागरिक महेंद्र सिंह ठाकुर ने भी कहा — “संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम असहायों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। ऐसी करुणा और सेवा समाज में दुर्लभ है। यह कार्य मानवता की सच्ची पहचान है।”
ग्राम कोसाबाड़ी में यह दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था जब संत रामपाल जी महाराज जी की सेवा टीम ने निःस्वार्थ भाव से सहायता सामग्री परिवार को सौंपी। ग्रामीणों ने भी इस मुहिम की सराहना की और कहा कि ऐसे सेवाभावी कार्य समाज में नई ऊर्जा और एकता का संचार करते हैं। संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम आज न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश के कई राज्यों में जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुँचाकर यह संदेश दे रही है कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है।

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