विश्व मधुमेह दिवस पर पदमपुर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 54 की जांच—8 मरीज मधुमेह से पीड़ित पाए गए।

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मुंगेली। विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लोगों को मधुमेह से बचाव के उपाय बताकर जागरूक किया गया। कुल 54 लोगों की स्वास्थ्य एवं मधुमेह जांच की गई, जिसमें 8 लोग मधुमेह से पीड़ित पाए गए। इनमें से एक मरीज का रक्त शर्करा स्तर अत्यधिक 440 mg/dl पाया गया, जिसे तत्काल जिला अस्पताल मुंगेली रेफर किया गया। शेष 7 मरीजों को निःशुल्क दवाइयाँ दी गईं तथा जीवनशैली में सुधार से मधुमेह नियंत्रण के उपाय बताए गए। डॉ. मनीष बंजारा ने बताया कि अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खान-पान और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण मधुमेह तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया में लगभग 54 करोड़ लोग इससे जूझ रहे हैं, वहीं हर 6 सेकंड में एक व्यक्ति मधुमेह से जुड़ी जटिलताओं के कारण अपनी जान गंवा रहा है। भारत में भी करीब 10 करोड़ लोग मधुमेह के शिकार हैं, जबकि 13 करोड़ लोग प्रीडायबिटिक स्थिति में हैं। इसी कारण विश्व में भारत को ‘डायबिटिक कैपिटल’ के रूप में भी जाना जाने लगा है। उन्होंने बताया कि मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में इंसुलिन का उत्पादन कम हो जाता है या शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता। इससे रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है, जो लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर किडनी, आंख, हृदय, नसों और पैरों को गंभीर नुकसान पहुंचाती है।
मधुमेह के प्रमुख लक्षण : बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, भूख बढ़ना, थकान, दृष्टि धुंधलापन, घावों का देर से ठीक होना, हाथ-पैरों में झुनझुनी आदि प्रमुख लक्षण हैं। जानकारी के अभाव में लोग इन लक्षणों को सामान्य कमजोरी समझ लेते हैं और इलाज में देरी हो जाती है।
बचाव के प्रमुख उपाय :
1. तनाव कम करें, योग और प्राणायाम अपनाएं।
2. हर छह महीने में शुगर जांच कराएं।
3. प्रतिदिन 30–45 मिनट तेज चलें (6000–8000 कदम)।
4. प्लेट फॉर्मूला अपनाएं—50% सब्जी, 25% प्रोटीन, 25% जटिल कार्बोहाइड्रेट।
5. 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
6. कमर का माप नियंत्रित रखें।
7. दिन में 2.5–3 लीटर पानी पिएं।
8. खान-पान में संयम रखें।
9. धूम्रपान और अल्कोहल से दूरी बनाएँ।
10. पैक्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से परहेज़ करें।

विश्व मधुमेह दिवस हमें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देता है। शिविर में “स्वस्थ खाएं, सक्रिय रहें—मधुमेह से बचें” का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सीमा पहारी, सुनीता मिरी, जलेश्वरी मिरी, मोनिका जांगड़े, सुधा त्रिवेणी, किशोर, रितेश मसीह व संतोष आदि मौजूद रहे।

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