सेवा सहकारी समिति में लगभग ₹76 लाख के गबन का आरोप

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
बिलासपुर । सेवा सहकारी समितियों में धान खरीदी की तैयारियों के बीच भरारी समिति (पं.स. 558) के कर्मचारी जगजीवन राम कुर्रे के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर बिलासपुर तथा उप पंजीयक सहकारिता संस्थाएं बिलासपुर को ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि उक्त कर्मचारी को किसी भी समिति में धान खरीदी प्रभारी की जिम्मेदारी न सौंपी जाए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जगजीवन कुर्रे, जो समिति में लिपिक पद पर पदस्थ है, को धान खरीदी वर्ष 2020-21 में प्रभारी प्रबंधक बनाया गया था। इस अवधि के दौरान उसके कार्यकाल में 20,944.09 क्विंटल धान एवं बारदाना की कमी पाई गई थी। इसकी वित्तीय राशि लगभग ₹79,74,661 आँकी गई, जिसे एक गंभीर गबन माना गया। मामले को लेकर उस समय भी कई स्तरों पर शिकायतें की गई थीं।

शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख है कि तत्कालीन उप पंजीयक श्रीमती श्रीमती मंजू पांडे  तथा प्राधिकृत अधिकारी श्रीमती गोधुली वर्मा (सी.ई. ओ.) द्वारा कथित रूप से ₹5 लाख लेकर जगजीवन कुर्रे को पुनः धान खरीदी प्रभारी नियुक्त कर दिया गया था। इसको लेकर क्षेत्र के लोगों में रोष व्याप्त है।

इसी तरह वर्ष 2023-24 में समिति के प्रबंधक रेशमलाल कुर्रे एवं जगजीवन राम कुर्रे पर संयुक्त रूप से लगभग ₹76 लाख के गबन का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता रूपचंद राय का कहना है कि लगातार वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त रहने वाले कर्मचारियों को पुनः जिम्मेदारी देना समिति एवं किसानों के हित में नहीं है।

शिकायत में यह स्पष्ट आरोप लगाया गया है कि जगजीवन कुर्रे “मौका मिलने पर करोड़ों रुपये का गबन कर सकता है”, इसलिए आने वाले धान खरीदी वर्ष में उसे किसी भी समिति का प्रभारी बनाये जाने पर रोक लगाई जाए।

शिकायत के साथ—
1. थाना पचपेडी में दिए गए आवेदन की छायाप्रति
2. उप पंजीयक कार्यालय द्वारा प्राधिकृत अधिकारी पुरेना को भेजे गए जांच पत्र की प्रति

ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर कड़े कदम उठाने की मांग की है।

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