श्रीराम मंदिर की यह धर्मध्वजा सदियों तक भगवान श्रीराम के आदर्शों का प्रतीक होगा – पीएम मोदी


अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
अयोध्या । राम मंदिर के शिखर पर फहरा रहा यह ध्वज केवल एक ध्वज नहीं है। यह पूरी तरह से भारतीय सभ्यता के कायाकल्प का ध्वज है। भगवा रंग , सूर्यवंश का निशान , ओम शब्द और कोविदारा वृक्ष राम राज्य की महिमा दिखा रहे हैं। ऐसा राम राज्य जहां सत्य ही धर्म है , कोई भेदभाव या दर्द ना हो , शांति और खुशी हो , कोई गरीबी ना हो और कोई लाचार ना हो। यह ध्वज एक संकल्प है , एक सफलता है , निर्माण के संघर्ष की एक पूरी कहानी है , सैकड़ों सालों के संघर्ष का एक साकार रूप है। हमारी आने वाली हजारों सदियों तक यह ध्वज भगवान राम के मूल्यों का प्रचार-प्रसार करेगा।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान श्रीराम और मां सीता की विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त पर अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा आज सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों की वेदना विराम पा रही है और संकल्प सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। राम मंदिर के शिखर पर फहरा रहा ये ध्वज भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। ये ध्वज सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार स्वरूप है। पीएम मोदी ने कहा आने वाली सदियां और सहस्र शताब्दियों तक ये धर्म ध्वज प्रभु राम के आर्दशों और सिद्धांतों का उद्घोष करेगा , ये धर्म ध्वज आह्वान करेगा कि सत्य की जीत होती है असत्य की नहीं। ये धर्म ध्वज उद्घोष करेगा कि सत्य ही ब्रह्म का स्वरूप है , सत्य में ही धर्म स्थापित है। उन्होंने कहा कि ध्वजारोहण के इस सुअवसर पर मैं दुनियां भर के राम भक्तों को हृदय से बधाई देता हूं। राम मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले हर एक व्यक्ति का मैं आभार व्यक्त करता हूं। मैं राम मंदिर के निर्माण में शामिल हर मजदूर , कारीगर , प्लानर , आर्किटेक्ट और कार्यकर्ता को बधाई देता हूं। आज पूरा भारत , पूरा विश्व राम-मय है। हर राम भक्त के दिल में अद्वितीय संतोष है। असीम कृतज्ञता है। अपार अलौकिक आनंद है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहुति है , जिसकी अग्नि पांच सौ साल तक प्रज्वलित रही। आज भगवान राम की ऊर्जा भव्य राम मंदिर के शिखर पर इस धर्म ध्वजा के रूप में स्थापित है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है तो हमें अपने अंदर राम को जगाना होगा। अपने भीतर के राम की प्राण प्रतिष्ठा करनी होगी। इस संकल्प के लिये आज से बड़ा सुअवसर कोई नहीं हो सकता। इसलिये हम संकल्प लें कि अपने भीतर राम जगायेंगे। इस अवसर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि इस दिन के लिये कितने राम भक्तों ने अपने प्राण अर्पण किये , मंदिर बनने में भी समय लगता है। यह धर्म ध्वज है और इसका भगवा रंग है , इस धर्मध्वज पर रघुकूल का प्रतीक कोविदार वृक्ष दो देव वृक्षों के गुणों का समुच्चय है। धर्मध्वज को शिखर तक पहुंचाना है , आज हमारे संकल्प की पुनरावृत्ति का दिवस है। सबको शांति बांटने वाला , सुफल देने वाला भारतवर्ष हमें खड़ा करना है। कुछ लोगों ने जैसा सपना देखा था बिल्कुल वैसा , उससे भी अधिक शुभकर यह मंदिर बन गया है। वहीं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा – भगवान राम का यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था , सम्मान और आत्म गौरव का प्रतीक है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर लहराता यह केसरिया ध्वज धर्म मर्यादा , सत्य , न्याय और राष्ट्र धर्म का प्रतीक है। पिछले पांच सौ वर्षों में साम्राज्य बदले और पीढ़ियां बदली परंतु आस्था हमेशा अडिग रही। जब आरएसएस जैसे संगठन के हाथों में कमान आई तो एक ही उद्घोष हुआ कि रामलला हम आयेंगे – मंदिर वही बनायेंगे, लाठी गोली खायेंगे – मंदिर वही बनायेंगे। यहां हर दिन एक पर्व है और हर दिशा में राम राज्य की अनुभूति हो रही है। गौरतलब है कि ध्वजारोहण समारोह के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे , यहां से वे साकेत कॉलेज में बनाये गये हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर से पहुंचे। साकेत कॉलेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , राज्यपाल आनंदीबेन पटेल , डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य , ब्रजेश पाठक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने एक किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला , जहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और रोड शो के बाद प्रधानमंत्री सप्त मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे गर्भगृह के साथ ही मंदिर के प्रथम तल पर निर्मित राम दरबार में भी पूजा अर्चना की। इसके पश्चात पीएम मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज लहराया। मंत्रोच्चार के साथ हुये ध्वजारोहण कार्यक्रम में जय श्री राम के नारे भी गूंजे। इस दौरान राम नगरी अयोध्या को दुल्हन की सजाया गया था और मंदिर की भव्य सजावट के साथ ही सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किये गये थे। राम मंदिर में आज धर्म ध्वजा फहराये जाने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुये मंदिर प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगा दी थी। ध्वजारोहण समारोह के दौरान पूरे शहर को एक हजार क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। आयोजन में उद्योग , खेल , साहित्य तथा बॉलीवुड जगत के करीब एक हजार वीवीआईपी अतिथि शामिल थे।

The News Related To The News Engaged In The https://apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.




