“पोक्सो केस में सख्त सजा : उमेश राजपूत को 20 साल कैद, पीड़िता को 5 लाख प्रतिकर की अनुशंसा”

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मुंगेली । थाना पथरिया क्षेत्र के चर्चित अपराध क्रमांक 146/2024 में आज महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला आया है। भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) की धारा 6 के गंभीर आरोपों से जुड़े इस प्रकरण में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं पोक्सो न्यायालय के पीठासीन अधिकारी राकेश कुमार सोम ने आरोपी उमेश राजपूत पिता रघुनंदन राजपूत (उम्र 32 वर्ष), निवासी सकरी, थाना पथरिया, जिला मुंगेली को दोषी पाते हुए 20 वर्ष का सश्रम कारावास तथा ₹3000 का अर्थदंड से दंडित किया है।

पीड़िता को 5 लाख रुपये क्षतिपूर्ति की अनुशंसा

न्यायालय ने पीड़िता को हुए शारीरिक एवं मानसिक आघात तथा उसके पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357-क के उपबंधों के तहत ₹5,00,000 की क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की अनुशंसा भी की है। यह अनुशंसा अंकुश शिवाजी गायकवाड़ विरुद्ध महाराष्ट्र राज्य, निपुण सक्सेना बनाम भारत संघ, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा जारी दिशानिर्देश, तथा पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 33(8) एवं POCSO रूल्स 2020 के नियम 9 के विधिक प्रावधानों के अनुरूप की गई है। राज्य सरकार की पीड़ित प्रतिकर योजना का पालन करते हुए पीड़िता को आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया है।

अभियोजन ने कराई 15 गवाहों की परीक्षा

अभियोजन पक्ष ने अपने तर्कों को मजबूत करने के लिए न्यायालय के समक्ष 15 महत्वपूर्ण गवाहों को परीक्षित कराया, जिनके साक्ष्यों एवं दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध आरोप सिद्ध हुए। पूरे मामले की प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक मोती लाल साहू द्वारा की गई।

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