पीएम समृद्धि योजना के नाम पर 73 लाख की साइबर ठगी करने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह गिरफ्तार, बिहार से दो आरोपी दबोचे गए


बिलासपुर । पीएम समृद्धि योजना के तहत कम ब्याज में 50 लाख रुपये का लोन दिलाने और 30 प्रतिशत की छूट दिलाने का झांसा देकर 73 लाख 23 हजार से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के दो आरोपियों को बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों आरोपी फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों के माध्यम से ठगी की रकम को ठिकाने लगाते थे।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज डॉ. संजीव शुक्ला (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में की गई। रेंज साइबर थाना टीम लगातार साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है।

श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस का अधिकारी बनकर करते थे धोखाधड़ी

رेंज साइबर थाना बिलासपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 718/2025 धारा 318(4), 111(4) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट के तहत यह प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस लिमिटेड, मुंबई का अधिकारी बनकर कॉल करते थे और मेडिकल व्यवसायी को पीएम समृद्धि योजना के तहत आकर्षक ब्याज दर पर 50 लाख रुपये का लोन दिलाने का लालच देते थे।

एक साल से अधिक समय तक चला ठगी का खेल
पीड़ित राजेश पाण्डेय, निवासी सी-24, फेस-1, नेचर सिटी, सकरी (बिलासपुर) ने थाना सकरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 फरवरी 2024 से 29 सितंबर 2025 के बीच अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर खुद को ग्रिजेश त्रिवेदी और अन्य नामों से परिचय देकर उससे 73,23,291 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई।
फर्जी खातों और सिम के जरिए करते थे रकम का आहरण
जांच के दौरान साइबर थाना टीम ने सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, संदिग्ध बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच में यह सामने आया कि ठगी की रकम जिन खातों में डाली गई, वे सभी फर्जी दस्तावेजों पर खुलवाए गए थे और इनके लिए फर्जी सिम कार्ड का उपयोग किया गया था।
बिहार के वैशाली से दबोचे गए दोनों आरोपी
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन बिहार के वैशाली जिले के गढ़वाल कनौली गांव में ट्रेस की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम को बिहार भेजा गया।
लगातार दो दिनों तक दबिश देने के बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों आरोपियों को तलब कर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने दिल्ली में किराए के मकान में रहकर अपने साथियों के साथ ठगी का नेटवर्क चलाने की बात स्वीकार की।
गिरफ्तार आरोपी
- विकास कुमार उर्फ विक्रम सिंह, पिता अशोक कुमार सिंह, उम्र 28 वर्ष
निवासी – वार्ड क्रमांक 13, गढ़वाल, कनौली बिसुनपुर परसी, थाना महुआ, जिला वैशाली (बिहार) - अमन कुमार सिंह उर्फ पीयूष, पिता संजय कुमार सिंह
निवासी – वार्ड क्रमांक 13, गढ़वाल, कनौली बिसुनपुर परसी, थाना महुआ, जिला वैशाली (बिहार)
संगठित अपराध की धारा में भी कार्रवाई
पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध संगठित अपराध की धारा 111 बीएनएस भी जोड़ी है। आरोपियों से अन्य साथियों की भूमिका और ठगी की शेष रकम के संबंध में गहन पूछताछ जारी है।
सायबर अपराधियों पर लगातार शिकंजा कस रही पुलिस
रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने साफ किया है कि ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल सेंटर, फर्जी बैंक खाते और डिजिटल फ्रॉड करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान कॉल, लोन ऑफर या लालच में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत साइबर थाना या 1930 हेल्पलाइन पर दें।

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