वेदांता एल्युमीनियम लगातार तीसरे साल एस एंड पी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में दूसरे नंबर पर


रिपोर्टर ✒️ रानू बैरागी
रायपुर । भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी, वेदांता एल्युमीनियम ने एल्युमीनियम उद्योग के लिए एस एंड पी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट (सीएसए) में दुनिया भर में दूसरी रैंक हासिल की है। गौरतलब है कि कंपनी ने लगातार तीसरे साल यह उपलब्धि हासिल की है। सस्टेनेबिलिटी के पहलू पर हैट-ट्रिक बनाते हुए कंपनी ने इस मूल्यांकन में अपना अब तक का सबसे ज्यादा स्कोर (84/100) भी हासिल किया है। वेदांता एल्युमीनियम की यह निरंतर अग्रगामी स्थिति उसकी अनुशासित प्रगति को दर्शाती है और कंपनी की यह कामयाबी यह बताती है कि वह अपनी कारोबारी रणनीति के केन्द्र में सस्टेनेबिलिटी को शामिल करने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है।


एसएंडपी ग्लोबल सीएसए को दुनिया के सबसे कठोर ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक, गवर्नेंस) मानदंडों में से एक माना जाता है। यह 62 उद्योगों में कंपनियों को चिन्हित कर के उनका मूल्यांकन करता है कि वे कितने प्रभावी ढंग से पर्यावरणीय, सामाजिक और गवर्नेंस संबंधी जोखिमों एवं अवसरों का प्रबंधन और प्रकट करते हैं।

इस उपलब्धि पर वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, प्रिया अग्रवाल हेब्बार ने कहा, ’’एस एंड पी ग्लोबल सीएसए में लगातार तीसरे साल अग्रणी रहना वेदांता एल्युमीनियम के लिए गौरव का क्षण है और यह उस संस्कृति की झलक है, जिसकी रचना हम कर रहे हैं। मैं अपनी टीमों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई देती हूँ। सस्टेनेबिलिटी हमारे काम करने, इनोवेट करने और आगे बढ़ने की प्रक्रिया में शामिल है। हम अपने कारोबार के मूल में क्लाइमेट एक्शन, सर्कुलरिटी और सामाजिक प्रबंधन को स्थापित कर रहे हैं तथा हम इस उपलब्धि मापदंड को और अधिक ऊँचा करने के दायित्व के रूप में देखते हैं।’’
वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा, ’’एस एंड पी ग्लोबल सीएसए में हमारी लगातार अग्रणी स्थिति दिखाती है कि मज़बूत ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक, गवर्नेंस) प्रदर्शन और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता साथ-साथ चलते हैं। ऊर्जा परिवर्तन और संसाधन दक्षता से लेकर कम कार्बन वाले उत्पाद नवाचार तक, अपने प्रचालनों में सस्टेनेबिलिटी को एकीकृत करके, हम वह मजबूती एवं लागत लाभ निर्मित कर रहे हैं, जो लम्बे समय तक फायदेमंद साबित होंगे। हमारी बैकवर्ड इंटीग्रेशन रणनीति वेदांता एल्युमीनियम को ज़िम्मेदारी से उत्पादित किए गए एल्युमीनियम की बढ़ती वैश्विक माँग को पूरा करने की उपयुक्त स्थिति में रखती है। मैं अपनी टीमों की सराहना करता हूँ कि वे अनुशासन व उद्देश्य के साथ इस परिवर्तन को आगे बढ़ा रहे हैं।’’
वेदांता एल्युमीनियम के रेस्टोरा और रेस्टोरा अल्ट्रा ब्रांड, भारत की पहली लो-कार्बन एल्युमीनियम रेंज हैं। इन्हें नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल करके बनाया जाता है और इनका फुटप्रिंट 4 टीसीओ₂ई प्रति टन से कम है। ये लो-कार्बन एल्युमीनियम के लिए वैश्विक सीमा को पूरा करते हैं और ग्रीन सप्लाई चेन को मुमकिन बनाते हैं। ये उत्पाद 2030 तक 30 प्रतिशत लो कार्बन एल्युमीनियम पोर्टफोलियो पाने के वेदांता एल्युमीनियम के लक्ष्य के लिए ज़रूरी हैं। इसके साथ दक्षता बढ़ाने के उपाय, स्वच्छ ऊर्जा अपनाना और भरोसेमंद ऑफसेट्स भी हैं। ये दर्शाते हैं कि प्रोडक्ट इनोवेशन और ऑपरेशंस डीकार्बनाइजेशन कैसे एक साथ चलते हैं।
जैसे-जैसे स्वच्छ ऊर्जा, मोबिलिटी और क्लाइमेट-रेज़िलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर में एल्युमीनियम की भूमिका बढ़ रही है, वैसे-वैसे वेदांता एल्युमीनियम भी अपनी ईएसजी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रही है। वित्त वर्ष 25 में, कंपनी ने वित्त वर्ष 21 के बाद से ग्रीन हाउस गैसों की सघनता में लगभग 8.96 प्रतिशत की कमी हासिल की, 1.57 अरब यूनिट नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल किया, 1.679 करोड़ एम3 पानी रीसायकल किया और अपने वेस्ट-टू-वैल्थ प्रोग्राम के तहत 100 प्रतिशत फ्लाई ऐश का इस्तेमाल सुनिश्चित किया। 64 सामुदायिक जलाशयों को ठीक करने, वनरोपण अभियान और ग्रामीण घरों के लिए स्वच्छ ऊर्जा हस्तक्षेप जैसी पहलों के ज़रिए, वेदांता एल्युमीनियम औद्योगिक वृद्धि के लिए सस्टेनेबिलिटी को आवश्यक बना रही है तथा भारत व दुनिया के लिए ज़िम्मेदारी से बनाई गई उच्च गुणवत्ता वाली धातु मुहैया करा रही है।

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