अमरकंटक के आईजीएनटीयू में सुरक्षा पर सवाल

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छात्रा से दुर्व्यवहार के बाद एनएसयूआई का घेराव

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक । इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू) अमरकंटक में एक युवती के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं छेड़छाड़ जैसी गंभीर घटना को लेकर छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला । घटना के बाद पुलिस द्वारा केवल एफआईआर दर्ज किए जाने और अब तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने से छात्र-छात्राओं एवं संगठनों में असंतोष गहराता जा रहा है ।
छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की घटनाएं कोई नई नहीं हैं । आए दिन छात्र-छात्राओं से जुड़े गंभीर मामले सामने आते हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जाती । कई मामलों को दबाव में समाप्त कर दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है । इसी लचर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस युवा संगठन एवं नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पांडेय और आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर घेराव कर जोरदार आंदोलन किया । इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की ।
आंदोलन के दौरान छात्र संगठनों ने जिला मजिस्ट्रेट के प्रस्ताव का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय परिसर में स्थायी पुलिस चौकी (पुलिस स्टेशन) के निर्माण की मांग की जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने की आवश्यकता बताई गई । छात्र नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि विश्वविद्यालय 450 वॉचमैन होने के बावजूद स्वयं को सुरक्षित मानता है तो छात्राओं को हॉस्टलों में प्रतिबंधित क्यों किया जाता है । उन्होंने मांग की कि छात्राओं को अन्य विश्वविद्यालयों की तरह परिसर के बाहर तक आने-जाने की स्वतंत्रता दी जाए । प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि जब शिक्षकों के लिए चुनाव संभव हैं तो छात्र संघ चुनाव भी कराए जाने चाहिए । इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में फ्री इलेक्ट्रिक ऑटो संचालन तत्काल शुरू करने , प्रत्येक हॉस्टल में वाई-फाई सुविधा अनिवार्य करने (जिसका शुल्क छात्रों से लिया जा रहा है), तथा पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की गई । इसके अलावा आंदोलनकारियों ने विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी एवं शौचालयों की स्थिति में सुधार , विश्वविद्यालय अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खेल मैदानों के तत्काल सुधार की मांग उठाई , ताकि छात्र-छात्राओं को खेल गतिविधियों में किसी प्रकार की परेशानी न हो । छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की एक संयुक्त समिति गठित करने की भी मांग की जिसकी हर महीने प्रशासन के साथ बैठक हो ताकि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर समय रहते समाधान किया जा सके । इस दौरान एनएसयूआई एवं कांग्रेस पार्टी के संयुक्त दल द्वारा पुष्पराजगढ़ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वसीम अहमद भट्ट एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो हरिनारायण मूर्ति को ज्ञापन सौंपा । इस दौरान एसडीएम पुष्पराजगढ़ द्वारा आश्वासन दिया गया कि 15 दिवस के अंदर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी । प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती और उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा । उक्त आंदोलन में विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को , जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान , एनएसयूआई जिला अध्यक्ष रफीक अहमद , नगर परिषद अमरकंटक अध्यक्ष पार्वती सिंह , मंडलम अध्यक्ष श्यामलाल सेन , पार्षद विमला दुबे , ऊषा वाई , विधान सभा कांग्रेस अध्यक्ष वीरू तंबोली , विनायक द्विवेदी सहित पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

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