सूखाग्रस्त क्षेत्र में एथनॉल प्लांट का प्रस्ताव, ग्रामीणों में आक्रोशअंबेडकर सेना ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

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मुंगेली । ग्राम पंचायत सिल्ली के आश्रित ग्राम कैथनवागांव एवं आसपास के क्षेत्रों में प्रस्तावित प्राइवेट एथनॉल प्लांट को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अंबेडकर सेना छत्तीसगढ़ के संस्थापक व प्रदेशाध्यक्ष उमेश सोनवानी के नेतृत्व में संगठन ने जिला कलेक्टर मुंगेली को ज्ञापन सौंपते हुए इस परियोजना से संभावित जल संकट और पर्यावरण प्रदूषण को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मेसर्स आर.एस.डी.एल. बायो फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कैथनवागांव, सिल्ली पंचायत एवं आसपास के गांवों में एथनॉल प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। संगठन का कहना है कि इस उद्योग की स्थापना से क्षेत्र के भू-जल स्तर पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, साथ ही प्रदूषण की समस्या भी उत्पन्न होगी। उल्लेखनीय है कि यह पूरा क्षेत्र पहले ही वर्ष 2025-26 के लिए सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है। ऐसे हालात में जल-आधारित उद्योग की अनुमति देना ग्रामीणों के जीवन, खेती, पशुपालन और भविष्य के लिए खतरा साबित हो सकता है।

जनसुनवाई की पारदर्शिता पर सवाल
अंबेडकर सेना ने प्रशासन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। संगठन का आरोप है कि पूर्व में जनसुनवाई की वीडियोग्राफी उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र दिया गया था, लेकिन आज तक वह उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं प्रशासन की ओर से जो जवाब प्राप्त हुआ है, उसे संगठन ने अधूरा और एकपक्षीय बताया है। इससे ग्रामीणों में यह भावना मजबूत हो रही है कि उनकी आपत्तियों और आशंकाओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

जनप्रतिनिधियों को भी कराया गया अवगत
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद फुलोदेवी नेताम, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया है। इसके बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में असंतोष और बढ़ता जा रहा है।

आंदोलन की चेतावनी
अंबेडकर सेना छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र के समस्त ग्रामवासी और किसान चक्काजाम एवं धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। संगठन ने कहा है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

तत्काल रोक और निष्पक्ष सुनवाई की मांग
संगठन ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रस्तावित एथनॉल प्लांट पर तत्काल रोक लगाई जाए, साथ ही निष्पक्ष और पारदर्शी जनसुनवाई आयोजित कर ग्रामीणों की आपत्तियों को सुना जाए। यह ज्ञापन जनदर्शन टोकन नंबर 15244 के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया है।

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