लाल खदान क्षेत्र में गुंडागर्दी का तांडव, पंच प्रतिनिधि से मारपीटगुरु घासीदास बाबा पर आपत्तिजनक टिप्पणी, एट्रोसिटी एक्ट की मांग पर अड़े ग्रामीण


रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
बिलासपुर । लाल खदान क्षेत्र एक बार फिर अराजक तत्वों की गुंडागर्दी को लेकर चर्चा में आ गया है। क्षेत्र में लंबे समय से बदमाशों का वर्चस्व रहा है। नई पंचायत महमंद द्वारा गांव को अपराध व नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के कारण यह मुहिम बार-बार बाधित हो रही है।


ताजा मामला ग्राम महमंद के वार्ड क्रमांक 6 संत नगर का है। जानकारी के अनुसार ग्राम महमंद के पंच प्रतिनिधि रामा टंडन 10 जनवरी की शाम जानकी मेडिकल स्टोर दवा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान क्षेत्र का बदमाश सरोज यादव अपने साथी सोनू यादव के साथ वहां पहुंचा और बिना किसी कारण रामा टंडन के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

नशा व अपराध मुक्त गांव की मुहिम से बौखलाए बदमाश
बताया जा रहा है कि नए सरपंच और पंच गांव को अपराध व नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। इसी से बौखलाए बदमाश तत्व पंचायत प्रतिनिधियों को निशाना बना रहे हैं। आरोपियों को गांव में गुरु घासीदास जयंती को लेकर लगाए गए बैनर-पोस्टर पर भी आपत्ति थी। चौक में परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा का बैनर लगाए जाने पर आरोपियों ने न केवल विरोध किया बल्कि संत के खिलाफ बेहद अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने जाति सूचक और अश्लील गालियां देते हुए कहा कि “तुम लोग पंच बने हो, प्रधानमंत्री नहीं… तुम्हारी सारी हेकड़ी निकाल दूंगा।” इतना ही नहीं, रामा टंडन और माधव साहू को गोली मारने की धमकी भी दी गई। आरोप है कि इस दौरान सरोज यादव और उसके साथियों ने रामा टंडन की लात-घूंसे और बॉस से पिटाई कर दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
पहले भी कर चुके हैं आतंक
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। सरोज यादव और उसके साथी पहले भी गांव में मारपीट, धमकी और आतंक फैलाने जैसी कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। तोरवा थाना में उनके खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। उनकी हरकतों से पूरे लाल खदान क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल है।
सामान्य धाराओं में मामला दर्ज, ग्रामीणों में नाराजगी
घटना की शिकायत तोरवा थाने में की गई, जहां पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर सामान्य धाराओं में अपराध दर्ज किया। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार आग्रह के बावजूद जाति सूचक गाली-गलौज, धमकी और संत के अपमान जैसे गंभीर मामलों में एट्रोसिटी एक्ट सहित अन्य कठोर धाराएं नहीं लगाई जा रही हैं।
एट्रोसिटी एक्ट और गुंडा सूची में नाम की मांग
इस मामले को लेकर ग्राम महमंद के सभी पंच, सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण एक बार फिर तोरवा थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध करने, उनके नाम गुंडा सूची में शामिल करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब खुलेआम गुंडागर्दी हो रही है और छत्तीसगढ़ की आस्था के प्रतीक संत गुरु घासीदास बाबा जैसे महान संत का अपमान किया जा रहा है, तो आरोपियों को कानून का भय क्यों नहीं दिखाया जा रहा। अब पूरे मामले में तोरवा थाना क्या संज्ञान लेता है, पुलिस कब और किस तरह की त्वरित व कठोर कार्रवाई करती है तथा गांव में शांति व्यवस्था कैसे कायम रहती है, यह शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी तय करेगा।


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