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स्थानांतरित शिक्षकों की वरिष्ठता प्रथम नियुक्ति तिथि से तय करने की मांग

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उपसचिव शिक्षा व संचालक लोक शिक्षण को सौंपा गया ज्ञापन, हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोपरायपुर।
स्थानांतरित शिक्षकों की वरिष्ठता प्रथम नियुक्ति तिथि से गणना किए जाने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपसचिव शिक्षा एवं संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ के प्रांताध्यक्ष अनिल कुमार टोप्पो ने किया।

रायपुर । स्थानांतरित शिक्षकों की वरिष्ठता प्रथम नियुक्ति तिथि से गणना किए जाने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपसचिव शिक्षा एवं संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ के प्रांताध्यक्ष अनिल कुमार टोप्पो ने किया।

संघ की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के हालिया फैसलों से वरिष्ठता प्रभावित शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी द्वारा बिना उच्च कार्यालय से विभागीय मार्गदर्शन लिए अभ्यावेदन खारिज कर दिए गए। इसे माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना बताते हुए शिक्षक समुदाय में निराशा और असमंजस की स्थिति बनने की बात कही गई।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि संविलियन पूर्व सहायक शिक्षक पंचायत, शिक्षक पंचायत एवं व्याख्याता पंचायत के स्थानांतरण के पश्चात वरिष्ठता की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से न कर स्थानांतरण उपरांत कार्यभार ग्रहण तिथि से की जाती रही। इसके चलते 1998, 2005, 2006 एवं अन्य वर्षों में नियुक्त पंचायत संवर्ग के शिक्षकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। स्थानांतरण कराने पर उनकी वरिष्ठता पीछे चली जाती थी, जिससे पदोन्नति के अवसर समाप्त हो जाते थे।

संघ ने यह भी आरोप लगाया कि संविलियन उपरांत शिक्षक एलबी संवर्ग को देय लाभों के लिए सेवा की गणना संविलियन तिथि से की जानी थी, किंतु वन टाइम रिलैक्सेशन के तहत तीन वर्ष बाद पदोन्नति प्रारंभ करते समय वरिष्ठता सूची संविलियन तिथि से न बनाकर पंचायत विभाग में नियुक्ति तिथि से तैयार की गई। इससे हजारों कनिष्ठ शिक्षकों को वरिष्ठ बनाकर पदोन्नति दे दी गई। यह प्रक्रिया संविलियन निर्देश क्रमांक 7 की कंडिका 6, निर्देश क्रमांक 11 की कंडिका 2 तथा सामान्य प्रशासन विभाग के नियम 1961 (संशोधित 1998) के कंडिका 12(2)(ख) का उल्लंघन बताई गई।

इसी बीच शिक्षक एलबी संवर्ग से व्याख्याता पदोन्नति हेतु जारी वरिष्ठता सूची में प्राथमिक शाला प्रधान पाठक (बलौदाबाजार/रायपुर) को शामिल नहीं किया गया। इसके विरोध में प्रभावित प्रधान पाठकों के साथ-साथ सरगुजा, बेमेतरा सहित अन्य जिलों के सहायक शिक्षक व शिक्षक एलबी ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। माननीय उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में निर्णय देते हुए स्थानांतरित प्रधान पाठक एवं शिक्षक एलबी संवर्ग की वरिष्ठता प्रथम नियुक्ति तिथि से गणना किए जाने का स्पष्ट आदेश दिया।

हाईकोर्ट के इस फैसले से प्रदेश के 27 हजार से अधिक शिक्षक एलबी संवर्ग में खुशी का माहौल है। वर्षों से 15 से 28 साल की सेवा के बावजूद स्थानांतरण के कारण पदोन्नति से वंचित शिक्षकों को अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। साथ ही विवाह के बाद पारिवारिक कारणों से स्थानांतरण कराने वाली महिला शिक्षिकाओं को भी इस आदेश से बड़ी राहत मिली है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, धर्मेश शर्मा तथा संयुक्त शिक्षक संघ के संभाग अध्यक्ष गोपेश साहू सहित विभिन्न संगठनों के प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षक संगठनों ने संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई कि भविष्य में यदि किसी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बिना उच्च कार्यालय के मार्गदर्शन के अभ्यर्थियों के अभ्यावेदन खारिज किए गए, तो उनके विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।

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