तीन सूत्रीय मांगों को लेकर स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों का सीएमएचओ कार्यालय घेरावजिला अध्यक्ष के निलंबन के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी

0
IMG_20260120_125243_526.jpg

मुंगेली । तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आज स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ के बैनर तले जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय का घेराव किया गया। बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और जिला अध्यक्ष के निलंबन के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि घेराव का मुख्य कारण जिला अध्यक्ष मुंगेली के निलंबन की कार्रवाई है, जिसे संघ ने द्वेषपूर्ण, अन्यायपूर्ण और तानाशाहीपूर्ण बताया। संघ का आरोप है कि बिना समुचित प्रक्रिया का पालन किए यह कार्रवाई की गई, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

संघ द्वारा रखी गई तीन सूत्रीय मांगों में—
जिला अध्यक्ष मुंगेली का निलंबन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। कर्मचारियों के संवैधानिक, लोकतांत्रिक एवं संघीय अधिकारों का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए। भविष्य में किसी भी कर्मचारी या पदाधिकारी के विरुद्ध दमनात्मक एवं प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न किए जाने की स्पष्ट गारंटी दी जाए। घेराव के दौरान संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी आंदोलन की समस्त नैतिक, प्रशासनिक एवं परिस्थितिजन्य जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मुंगेली डॉ. शीला साहा की होगी।

• इस पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विभागीय समीक्षा के दौरान संबंधित कर्मचारी द्वारा दुर्व्यवहार किया गया था। इस संबंध में उन्हें नोटिस जारी किया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण निलंबन की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और जांच पूर्ण होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

NTPC World Environment Day

• वहीं संघ के प्रांताध्यक्ष टारजन गुप्ता ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि नोटिस देना सीएमएचओ का अधिकार है और जवाब देना कर्मचारी का कर्तव्य, लेकिन सेवा नियमों की धारा 65 एवं 66 के तहत बिना तीन बार नोटिस दिए, जवाबों पर संतोषजनक विचार किए बिना तथा जांच में दोष सिद्ध हुए बिना किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकती। नियम स्पष्ट हैं और उनका पालन अनिवार्य है।

• इस मामले में जिला अध्यक्ष डोम प्रकाश कश्यप ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके द्वारा नोटिस का जवाब देने के बावजूद द्वेषपूर्ण कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह अनुचित और न्यायसंगत नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!