अध्यात्म विज्ञान सत्संग सम्मेलन का स्वर्णिम महोत्सव संपन्न


तीन दिवसीय आयोजन में वैदिक विज्ञान ‘सर्वांगयोग’ पर हुआ गहन चिंतन
मुंगेली। जिला मुख्यालय में अध्यात्म विज्ञानशाला ओंकारेश्वर के उपकेंद्र मुंगेली द्वारा अध्यात्म विज्ञान सम्मेलन के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 23 से 25 जनवरी 2026 तक स्वर्णिम महोत्सव का आयोजन किया गया। त्रिदिवसीय सम्मेलन का आयोजन जगद्गुरु स्वामी उमाशंकर चैतन्य के सानिध्य में संपन्न हुआ।


सम्मेलन के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री तोखन साहू रहे, जबकि अध्यक्षता विधायक पुन्नूलाल मोहले ने की। विशेष अतिथियों में गो सेवा आयोग अध्यक्ष बिसेसर पटेल, पूर्व सांसद लखनलाल साहू सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

स्वामी उमाशंकर चैतन्य ने प्रवचन में नारायण भगवान मायानन्द चैतन्य द्वारा आविष्कृत वैदिक विज्ञान विद्या ‘दिव्यदृष्टि सर्वांगयोग’ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विद्या मनुष्य को कलिकाल की विकृतियों से मुक्त कर सत्य, प्रेम और समरसता के मार्ग पर अग्रसर करती है। उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि तोखन साहू ने कहा कि अध्यात्म विज्ञान से जुड़ा भेदभाव रहित मानवीय प्रेम और सामाजिक समरसता ही वास्तविक लोकतंत्र का आधार है। उन्होंने अध्यात्म विज्ञानशाला उपकेंद्र मुंगेली के लिए भवन निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रांतों से पधारे संतों और तत्वदर्शी विद्वानों ने धर्म, ज्ञान, मानवता और प्रकृति के यथार्थ स्वरूप पर विचार रखे। समापन अवसर पर स्वामी उमाशंकर चैतन्य ने कहा कि दिव्य ज्ञान को व्यवहार में उतारने से ही परम सुख, शांति और मुक्ति की प्राप्ति संभव है।
कार्यक्रम के अंत में पितांबर सिंह ठाकुर द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

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