पायलट प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों को मिली मृदा स्वास्थ्य की वैज्ञानिक समझस्कूल सॉयल हेल्थ कार्यक्रम में बच्चों ने जाना वैज्ञानिक खेती का महत्व

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रिपोर्टर ✒️ कमलेश सिंह

कवर्धा। कृषि विभाग द्वारा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक खेती एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की जानकारी देने के उद्देश्य से “पायलट प्रोजेक्ट ऑन स्कूल सॉयल हेल्थ” कार्यक्रम का आयोजन 27 जनवरी को पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पोड़ी एवं पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पंडरिया में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को मृदा की गुणवत्ता, उर्वरता तथा संतुलित खेती की वैज्ञानिक पद्धतियों से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.पी. त्रिपाठी, विषय वस्तु विशेषज्ञ बी.एस. परिहार तथा सी.पी. रहंगडाले ने विद्यार्थियों को सॉयल हेल्थ कार्ड की उपयोगिता एवं महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मृदा नमूना संग्रहण की सही विधि, नमूनों के विश्लेषण की प्रक्रिया, सॉयल हेल्थ कार्ड प्रिंटिंग, संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग तथा मृदा के अनुसार उपयुक्त फसल चयन पर प्रकाश डाला।

विशेषज्ञों ने बताया कि मृदा में जैविक खाद एवं संतुलित उर्वरकों के प्रयोग से खेती की लागत कम की जा सकती है, वहीं उत्पादन और गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि बिना मृदा परीक्षण के उर्वरकों का अंधाधुंध प्रयोग भूमि की उर्वरता को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए मृदा परीक्षण के आधार पर ही फसल चयन एवं पोषक तत्व प्रबंधन किया जाना चाहिए।

कृषि विभाग से डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर (आत्मा) सुशील कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, स्कूल सॉयल हेल्थ कार्ड की अवधारणा तथा इसके दीर्घकालीन लाभों के बारे में जानकारी दी। वहीं प्रयोगशाला तकनीशियन कृति सलूजा एवं जानकी पैकरा ने विद्यार्थियों को मृदा नमूना विश्लेषण का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान मृदा पीएच परीक्षण सहित 12 विभिन्न मृदा पैरामीटर की जांच की प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया गया, जिससे विद्यार्थियों को वैज्ञानिक पद्धति का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ कृषि विषय पर संवाद भी किया गया। इसमें मृदा परीक्षण की आवश्यकता, कबीरधाम जिले की भौगोलिक मृदा संरचना तथा स्थानीय फसलों के लिए उपयुक्त मृदा प्रबंधन पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका वैज्ञानिकों ने सहज और सरल भाषा में समाधान किया।

इस अवसर पर पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पोड़ी के प्राचार्य संजय गुप्ता, पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पंडरिया के प्राचार्य विकास शुक्ला, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पंडरिया एल.एस. जमरे, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सौरभ झा सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया गया।

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