ग्राम मनकी में सात दिवसीय सतनाम विजय अर्थवल ग्रंथ पूजा संपन्न। मुख्य अतिथि अशोक चंद्राकर बोले—सतनाम का संदेश समाज को सत्य और समानता का मार्ग दिखाता है


लोरमी/मुंगेली। लोरमी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मनकी में सात दिवसीय सतनाम विजय अर्थवल ग्रंथ पूजा का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। इस पावन धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर गुरु घासीदास जी की वाणी एवं सतनाम पंथ के सिद्धांतों का स्मरण किया। पूजा-अर्चना के दौरान क्षेत्र की सुख-शांति, अमन-चैन और समृद्धि की मंगल कामना की गई।


सात दिनों तक चले इस आयोजन में प्रतिदिन अर्थवल ग्रंथ का विधिवत पाठ, सत्संग, भजन-कीर्तन एवं प्रवचन का आयोजन हुआ। गुरु घासीदास जी द्वारा बताए गए सत्य, अहिंसा, समानता और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश वक्ताओं द्वारा दिया गया। आयोजन स्थल पर सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, जिससे पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। ग्रामवासियों ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जनपद पंचायत सदस्य एवं बजरंग ट्रैक्टर संचालक अशोक चंद्राकर रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु घासीदास जी का सतनाम संदेश समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे धार्मिक आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और लोगों को संस्कारों से जोड़ते हैं। उन्होंने आयोजन के लिए ग्रामवासियों एवं समिति को बधाई दी।
पूजा कार्यक्रम में सामाजिक, राजनीतिक एवं जनप्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन में लखन कश्यप, सोहन वर्मा, नगर पालिका परिषद लोरमी के नेता प्रतिपक्ष सालिक बंजारे, पार्षद शशांक वैष्णव, धनंजय दुबे तथा जनपद सदस्य मध्यम पटेल शामिल हुए। सभी अतिथियों ने गुरु घासीदास जी के चरणों में शीश नवाकर क्षेत्र की खुशहाली, शांति और आपसी भाईचारे की प्रार्थना की।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि सत्संग और अर्थवल ग्रंथ पाठ के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और मानवता, सेवा व भाईचारे की भावना को जागृत किया जा सकता है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों से जोड़ने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे एवं प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई। सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जिससे सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश मिला। ग्राम मनकी के ग्रामीणों ने आयोजन को शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से संपन्न कराने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
सात दिवसीय सतनाम विजय अर्थवल ग्रंथ पूजा के समापन अवसर पर गुरु घासीदास जी से क्षेत्र में विकास, अमन-चैन और समृद्धि की कामना की गई। ग्रामीणों ने भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

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