सोन नदी के तट पर नियमविरुद्ध जहरीली राखड़ डंपिंगग्रामीणों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

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रिपोर्टर ✒️ तुला राम सहीस

सक्ती। जिले की हसौद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गुंजियाबोड़ में सोन नदी के समीप बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखकर जहरीली राखड़ डंपिंग किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। कंपनियों से निकलने वाली राखड़ को सैकड़ों हाइवा वाहनों के माध्यम से नदी के बेहद करीब पाटने का कार्य लगातार जारी है, जिससे क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

जानकारी के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण विभाग, बिलासपुर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी बहती नदी, नाले अथवा जलस्रोत से कम से कम 100 मीटर की दूरी तक राखड़ या किसी भी प्रकार के औद्योगिक अपशिष्ट का डंपिंग नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद ग्राम पंचायत गुंजियाबोड़ क्षेत्र में सोन नदी से मात्र 40 से 45 मीटर की दूरी पर खुलेआम राखड़ डाली जा रही है, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।

बरसात में बढ़ेगा प्रदूषण का खतरा
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह जहरीली राखड़ बहकर सीधे सोन नदी में समा जाएगी। इससे नदी का जल गंभीर रूप से प्रदूषित हो सकता है। सोन नदी क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग स्नान करते हैं और इसी जल का उपयोग पीने, निस्तारी एवं घरेलू कार्यों में किया जाता है।

जनस्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि राखड़ में मौजूद जहरीले तत्व पानी में घुलने पर त्वचा रोग, सांस संबंधी बीमारियां, पेट के रोग सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। इसके अलावा नदी का पानी दूषित होने से जलीय जीव-जंतुओं के साथ-साथ आसपास की कृषि भूमि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

लालच के चलते पर्यावरण से खिलवाड़
ग्रामीणों का आरोप है कि मोटी कमाई के लालच में कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा नियमों की अनदेखी कर अवैध राखड़ डंपिंग कराई जा रही है। प्रशासनिक निगरानी के अभाव में यह अवैध कार्य धड़ल्ले से जारी है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि मामला उजागर होने के बाद संबंधित विभाग कब मौके पर पहुंचकर जांच करता है और दोषियों के खिलाफ ठोस व सख्त कार्रवाई करता है, या फिर यह गंभीर विषय भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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