खपरी डबल मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा, 48 घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार

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बुजुर्ग दंपत्ति की निर्मम हत्या से दहला गांव

जांजगीर-चांपा । थाना मुलमुला क्षेत्र के ग्राम खपरी में हुए बुजुर्ग दंपत्ति हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। 01 अप्रैल 2026 की सुबह गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब 70 वर्षीय संतराम साहू और उनकी 65 वर्षीय पत्नी श्यामबाई साहू का शव घर के भीतर खून से लथपथ हालत में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई।

48 घंटे में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांजगीर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर टीम और थाना मुलमुला की संयुक्त टीम गठित की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से महज 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया।

चोरी की नीयत से घुसे, हत्या कर फरार

जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी के इरादे से बुजुर्ग दंपत्ति के घर में घुसे थे। जैसे ही संतराम साहू की नींद खुली और उन्होंने विरोध किया, आरोपियों ने चाकू से उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शोर सुनकर जागी उनकी पत्नी श्यामबाई साहू को भी आरोपियों ने बेरहमी से मार डाला।

मुख्य आरोपी ने पहले की थी रेकी

पुलिस के अनुसार, मुख्य साजिशकर्ता सुरेन्द्र यादव को घर की पूरी जानकारी थी। वह पहले परिवार के एक कार्यक्रम में वीडियोग्राफी कर चुका था, जिससे उसे यह पता था कि दंपत्ति घर में अकेले रहते हैं और वहां धन एवं जेवर मौजूद हैं। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई।

नकली बाल और मास्क से छिपाई पहचान

आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी की थी। उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए नकली बाल, मास्क और टोपी का उपयोग किया। रात के समय छत के रास्ते घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया गया।

घटना के बाद ऐसे हुआ खुलासा

घटना के बाद पुलिस ने आसपास के संदिग्धों पर नजर रखी। जांच के दौरान गजेन्द्र पाल दिनकर घटना के बाद से गांव से फरार पाया गया। पुलिस ने तकनीकी माध्यमों से उसका पता लगाकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में पहले वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी

गजेन्द्र की निशानदेही पर पुलिस ने सुरेन्द्र यादव, श्यामरतन दिनकर और विजेन्द्र पाल दिनकर को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि श्यामरतन दिनकर घर के बाहर रेकी कर रहा था और चोरी का सामान छिपाने में मदद की, जबकि विजेन्द्र पाल ने आरोपी को भागने में सहयोग किया।

जप्त सामग्री और साक्ष्य

पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त दो चाकू, एक सोने का हार, चांदी की पायल और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। साथ ही घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे में जांजगीर पुलिस की साइबर टीम और थाना मुलमुला पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


क्षेत्र में दहशत, पुलिस की कार्रवाई से राहत

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल था, लेकिन पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों की गिरफ्तारी से लोगों ने राहत की सांस ली है। यह मामला न केवल अपराध की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि पुलिस की सक्रियता और तत्परता का भी उदाहरण बनकर सामने आया है।

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