जयरामनगर धान खरीदी केंद्र में 19 लाख का गबन, प्रबंधक संतोष ने हड़पे प्रभारी के पैसे — बैंक मैनेजर सुशील पनौरे की भूमिका भी संदिग्ध
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
• कलेक्टर-उप आयुक्त के 3 दिन में जांच के आदेश को 36 दिन बीते, रिपोर्ट अब तक नहीं — अपनी जेब से खर्च करने वाला प्रभारी 44 दिन से भटक रहा, बोला ‘डिप्रेशन में हूं’
बिलासपुर । मस्तूरी विकासखंड के जयरामनगर धान खरीदी केंद्र, सेवा सहकारी समिति पं.क्र. 3089 में खरीफ सीजन 2025-26 का काम पूरा कराने वाले प्रभारी वीरेंद्र टंडन आज खुद अपनी मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। धान खरीदी के दौरान सूतली, तारपोलीन, चौकीदारी और फड़ सफाई पर अपनी जेब से खर्च की गई राशि की प्रतिपूर्ति हेतु शासन से ‘सुरक्षा भंडारण एवं प्रासंगिक व्यय’ मद में जारी लगभग 19 लाख रुपये की पूरी राशि संस्था प्रबंधक संतोष ने बैंक से आहरित कर ली, लेकिन प्रभारी को एक रुपया भी नहीं दिया।

आदेश के 36 दिन बाद भी जांच अधूरी, प्रबंधक की खुली धमकी
पीड़ित वीरेंद्र टंडन ने 24 फरवरी 2026 को कलेक्टर जनदर्शन में टोकन क्रमांक 2070126000835 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उप आयुक्त सहकारिता ने 2 मार्च 2026 को पत्र क्रमांक/उपवि/जनदर्शन/2026/321 जारी कर सहकारिता विस्तार अधिकारी मस्तुरी को 3 दिन में जांच कर स्पष्ट अभिमत के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया था।

आदेश के 36 दिन और शिकायत के 44 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक न तो जांच रिपोर्ट आई, न ही भुगतान हुआ। उल्टा प्रबंधक संतोष साफ कहता है कि ‘जो करना है कर लो, पैसा नहीं दूंगा’।
बैंक से 19 लाख निकाले, मैनेजर सुशील पनौरे पर मिलीभगत का आरोप
बैंक से मिली जानकारी के अनुसार पूरी राशि प्रबंधक के हस्ताक्षर से निकाली जा चुकी है। इससे बैंक मैनेजर सुशील पनौरे की भूमिका पर भी मिलीभगत का संदेह गहरा गया है, क्योंकि बिना बैंक की सहमति के इतनी बड़ी राशि का आहरण संभव नहीं है।

डिप्रेशन में प्रभारी, ठप पड़ा किसानों का काम
भुगतान न मिलने से परेशान प्रभारी वीरेंद्र टंडन (मो. 8959781153) डिप्रेशन में हैं। सूतली वाले, चौकीदार व सफाई मजदूर रोज उनसे पैसे के लिए तकादा कर रहे हैं। वहीं जांच की जिम्मेदारी संभाल रही सीईओ सुश्री गोधुलि वर्मा की लेटलतीफी और प्रबंधक संतोष के अक्सर कार्यालय से नदारद रहने के कारण किसानों के केसीसी व खाद वितरण का काम भी पूरी तरह ठप पड़ा है।

मामले का पूरा लेखा-जोखा एक नजर में
पीड़ित की मांग: एफआईआर दर्ज कर 19 लाख रिकवर किए जाएं
पीड़ित ने कलेक्टर बिलासपुर से तत्काल हस्तक्षेप कर गबन के आरोपी प्रबंधक संतोष, संदिग्ध भूमिका वाले बैंक मैनेजर सुशील पनौरे और जांच में देरी करने वाले अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही 19 लाख रुपये की राशि रिकवर कराकर मजदूरों का बकाया भुगतान कराने को कहा है।
नोट: पीड़ित के पास कलेक्टर को दिया गया मूल आवेदन, जनदर्शन की पावती, उप आयुक्त का सील-साइन युक्त आदेश पत्र एवं बैंक से राशि आहरण के दस्तावेज सुरक्षित हैं।


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