छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने छात्रावास अधीक्षक संघ ने सौंपा सामूहिक ज्ञापन
मुंगेली। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए जिले के छात्रावासों में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा अधीक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ की जिला इकाई मुंगेली ने सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग को सामूहिक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा कर छात्रावासों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व जिले के सभी छात्रावासों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाना बेहद जरूरी है। ज्ञापन में छात्रावास भवनों की मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को समय रहते उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण पर दिया जोर
बैठक के दौरान छात्रावासों में निवासरत छात्र-छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ के पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि नए सत्र की शुरुआत के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सभी छात्रावासों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा सकेगी और किसी भी बीमारी का प्रारंभिक अवस्था में उपचार संभव होगा, जिससे विद्यार्थियों के अध्ययन पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग
संघ ने आगामी सत्र 2026-27 के लिए छात्र-छात्राओं के प्रवेश, सीट निर्धारण और पात्र विद्यार्थियों को समय पर प्रवेश उपलब्ध कराने के विषय में भी विस्तार से चर्चा की। पदाधिकारियों ने मांग की कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध हो, ताकि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने से छात्रावासों का संचालन भी व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा और विद्यार्थियों को सत्र के प्रारंभ से ही सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
शिष्यवृत्ति राशि बढ़ाने की उठी मांग
छात्रावास अधीक्षक संघ ने विद्यार्थियों को दी जाने वाली शिष्यवृत्ति राशि में वृद्धि की मांग भी रखी। संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई और शिक्षा से जुड़े खर्चों को देखते हुए वर्तमान शिष्यवृत्ति राशि अपर्याप्त साबित हो रही है।
उन्होंने सहायक आयुक्त से आग्रह किया कि इस विषय में उच्च अधिकारियों एवं शासन स्तर पर पत्राचार कर शिष्यवृत्ति राशि बढ़ाने की दिशा में आवश्यक पहल की जाए, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर आर्थिक सहयोग मिल सके।
अधीक्षकों की समस्याओं को भी उठाया गया
ज्ञापन के माध्यम से जिले के विभिन्न छात्रावासों में कार्यरत अधीक्षकों एवं अधीक्षिकाओं ने अपनी विभागीय और बुनियादी समस्याओं को भी प्रमुखता से रखा। उनका कहना था कि संसाधनों की कमी और प्रशासनिक कठिनाइयों के कारण कई बार छात्रावासों के संचालन में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
संघ ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि अधीक्षकों को आवश्यक सुविधाएं और सहयोग प्राप्त होगा तो छात्रावासों का संचालन और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग ने संघ के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा आवश्यक बिंदुओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और छात्रावासों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
बड़ी संख्या में अधीक्षक रहे उपस्थित
इस अवसर पर छात्रावास अधीक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र निर्मलकर, जिला सचिव विनय साहू, जिला संरक्षक डी.एल. भास्कर, अश्वनी बंजारा, एच.डी. डहरिया, गंगोत्री भगत, कुंदन यादव, गरिमा दुबे, विवेक कुमार, रवीना बानो, सुरेंद्र राजपूत, विक्रम क्षत्रिय, विकास, निकिता शर्मा, ओमप्रकाश राठौर, चांदनी जयसिंघानी, रजनी रात्रे, बरखा बंजारे, प्रीति शुक्ला सहित जिले के विभिन्न छात्रावासों के अधीक्षक एवं अधीक्षिकाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में संघ के सदस्यों ने छात्रावासों के समग्र विकास, विद्यार्थियों की सुविधाओं में विस्तार और अधीक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर निरंतर प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।

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