रोटरी क्लब ने छात्रों को सिखाई तनावमुक्त जीवन जीने की कला वर्तमान प्रतिस्पर्धा और तकनीकी युग में मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

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रायपुर। रोटरी क्लब ऑफ रायपुर हेरिटेज और रोटरी क्लब ऑफ रायपुर नॉर्थ के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को विमतारा हॉल में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को तनाव रहित जीवन जीने की कला सिखाई गई।
यह कार्यक्रम रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3261 के अंतर्गत डिस्ट्रिक्ट डीसीज़ प्रिवेंशन कमेटी द्वारा आयोजित किया गया था।

मुख्य वक्ता डॉ. इला गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा प्रणाली, सामाजिक व्यवस्था और तकनीकी उपकरणों — जैसे कंप्यूटर व मोबाइल — ने जीवन की गति तो बढ़ाई है, परंतु इसके साथ मानसिक दबाव भी बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक — सभी को संतुलित जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता है।

डॉ. गुप्ता ने तनाव मुक्ति के उपाय बताते हुए कहा — “नियमित व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें, कैफीन का सेवन कम करें, और ध्यान या माइंडफुलनेस जैसी तकनीकों का अभ्यास करें।”

उन्होंने आगे कहा कि योग, जॉगिंग, साइकिल चलाना या किसी खेल में भाग लेने से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन स्रावित होता है, जो मन को शांत और प्रसन्न रखता है। साथ ही उन्होंने ताज़े फल, सब्ज़ियाँ और प्रोटीनयुक्त आहार लेने तथा जंक फूड, अत्यधिक चीनी और वसायुक्त भोजन से बचने की सलाह दी।

व्याख्यान के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र में डॉ. गुप्ता ने विद्यार्थियों के सवालों के उत्तर अत्यंत सहज और मृदु भाषा में दिए, जिससे छात्र-छात्राएं विशेष रूप से प्रभावित हुए।



प्रदीप गोविंद शितूत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों के व्यवहार में किसी भी बदलाव पर सतर्क रहें। यदि बच्चा गुमसुम या उदास दिखाई दे, तो उसे संगीत, पेंटिंग या अन्य रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रोत्साहित करें ताकि वह अकेलेपन से बाहर आ सके।

कार्यक्रम का संचालन चेयरमैन भरत डागा ने किया। इस अवसर पर रोटरी क्लब रायपुर के अध्यक्ष उत्तम कुमार गर्ग, रोटरी हेरिटेज के अध्यक्ष पंकज शर्मा तथा रोटरी नॉर्थ के अध्यक्ष नवीन शर्मा की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।

रोटरी क्लब ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाना और आत्महत्या जैसे घातक कदमों से बचाते हुए सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण विकसित करना है।

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