तहसील, SDM, कलेक्ट्रेट व निर्वाचन में संलग्न शिक्षकों-बाबुओं का संलग्नीकरण समाप्त कर मूल पद पर भेजने की मांग
रायपुर। गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष कृष्णकुमार नवरंग ने राज्य सरकार से मांग की है कि तहसील, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM), कलेक्ट्रेट एवं निर्वाचन शाखा में वर्षों से संलग्न शिक्षा विभाग के शिक्षकों व लिपिकीय कर्मचारियों का संलग्नीकरण तत्काल समाप्त कर उन्हें उनके मूल पद/शाला में पदस्थ किया जाए।
श्री नवरंग ने कहा कि प्रदेश में हजारों शिक्षक एवं बाबू 10-15 वर्षों से गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न हैं। वे वेतन तो शिक्षा विभाग से ले रहे हैं, परन्तु शालाओं में अध्यापन कार्य नहीं कर रहे हैं। इसके कारण ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों की शालाएं शिक्षक विहीन हो गई हैं। एकल शिक्षकीय शालाओं में पढ़ाई ठप है और छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।इसलिए
शिक्षा विभाग से जुड़े समस्त कर्मचारियों का अन्य विभागों में किया गया संलग्नीकरण तत्काल समाप्त किया जाए। प्रशासनिक कार्यों हेतु शिक्षा विभाग के कर्मचारियों पर निर्भरता बंद कर पृथक से भर्ती की जाए। संलग्नीकरण के कारण रिक्त हुए पदों पर शीघ्र शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। “शिक्षा का अधिकार” कानून का पालन करते हुए प्रत्येक शाला में निर्धारित मानक के अनुसार शिक्षक पदस्थ किए जाएं।श्री नवरंग ने आरोप लगाया कि संलग्नीकरण के नाम पर कुछ शिक्षकों व बाबुओं पर प्रशासन की “मेहरबानी” है, जबकि वास्तविक जरूरतमंद शालाएं शिक्षकों के लिए तरस रही हैं। इससे ईमानदारी से शाला में कार्यरत शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ रहा है।

एसोसिएशन ने चेतावनी दी की अगरसंलग्नीकरण समाप्त कर शिक्षकों को मूल पदस्थापना पर नहीं भेजा गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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