कन्या महाविद्यालय में “दैनिक जीवन में जैविक घड़ी का महत्व” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी

0
IMG_20251116_131950_773.jpg

मुंगेली । नवीन शासकीय कन्या महाविद्यालय मुंगेली में 13 नवंबर 2025 को “दैनिक जीवन में जैविक घड़ी का महत्व” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सुभदा राहलकर (प्राचार्य, शासकीय कन्या महाविद्यालय तखतपुर), डॉ. एन.के. सिंह (सहायक प्राध्यापक, वनस्पति शास्त्र, शासकीय महाविद्यालय सरगांव) तथा प्रो. एस. आगर (सहायक प्राध्यापक, रसायन शास्त्र, शासकीय महाविद्यालय बिल्हा, बिलासपुर) उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। तत्पश्चात् कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्राचार्य डॉ. प्राची सिंह ने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। अपने स्वागत उद्बोधन में उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।सर्वप्रथम डॉ. एन.के. सिंह ने जैविक घड़ी की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पौधों में स्टोमेटा का खुलना-बंद होना, छुई-मुई पौधों की पत्तियों की क्रियाशीलता तथा निश्चित समय पर पौधों में फूल आने जैसी प्रक्रियाएँ जैविक घड़ी के नियंत्रण में होती हैं। प्रकाश-संवेदी वर्णक जैसे फाइटोक्रोम और क्रिप्टोक्रोम दिन-रात की जानकारी प्रदान करते हैं। उन्होंने पादप वर्गीकरण के विषय में भी विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद प्रो. एस. आगर ने दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि रसोई, भोजन, दवा, वस्त्र और सौंदर्य प्रसाधनों में रसायनों का कितना महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्य वक्ता डॉ. सुभदा राहलकर ने जैविक घड़ी के नियंत्रण में मेलाटोनिन हार्मोन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पीनियल ग्रंथि से स्रावित मेलाटोनिन हमारे सोने-जागने के चक्र, भूख-प्यास, पाचन, शरीर के तापमान और हार्मोनों के स्राव को नियंत्रित करता है। उन्होंने कहा कि एक संतुलित जीवन के लिए जैविक घड़ी का सही तालमेल बनाना आवश्यक है, अन्यथा कई स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने समय पर भोजन करने और निश्चित समय पर सोने की आदत को अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम के संयोजक राजेश कुमार घोसले ने सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त किया। संचालन जितेंद्र कुमार शर्मा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राध्यापकगण—मदन लाल कश्यप, प्रेमा केरकेट्टा, सुरेंद्र कुमार तिग्गा, अविनाश राठौर, डॉ. शशांक शर्मा, मनोरमा भास्कर, डॉ. डिंपल बंजारा, डॉ. डेजी रानी दिवाकर, डॉ. मधु यामिनी सोनी, नीतू राजपूत, डॉ. प्रेमलता सिंह महिलांगे, वीरेंद्र देवांगन के साथ कार्यालयीन कर्मचारी बलराम यादव, जगन्नाथ जांगड़े, अश्विनी चंद्राकर, इंदु बाला बंजारे, सुशीला अनंत, कलावती सहित बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

error: Content is protected !!