उल्लास महा परीक्षा अभियान: बिलासपुर में 90% शिक्षार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी, सास-बहू से लेकर बुजुर्ग दंपती तक बने परीक्षार्थी

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

बिलासपुर । उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार, 07 दिसंबर को जिलेभर में नवसाक्षरों के लिए मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया गया। इस महाअभियान में उत्साह देखते ही बन रहा था। परीक्षा में लगभग 90 प्रतिशत पंजीकृत शिक्षार्थियों ने भाग लेकर यह साबित किया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। कहीं सास-बहू एक साथ परीक्षा देती दिखीं, तो कहीं बुजुर्ग दंपती हाथ में पेन लेकर प्रश्नपत्र हल करते नजर आए

कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे जिले में संचालित किया जा रहा है। परीक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं।

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चारों विकासखंडों में बने 493 परीक्षा केंद्र

जिले के चारों विकासखंडों में कुल 493 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें—

  • बिल्हा – 52 केंद्र
  • मस्तूरी – 56 केंद्र
  • तखतपुर – 63 केंद्र
  • कोटा – 322 केंद्र (सबसे अधिक)

ग्राम स्तर पर असाक्षरों का चिन्हांकन कर उनका विधिवत पंजीयन किया गया था। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण से जिले को इस वर्ष 33,260 असाक्षरों को परीक्षा में शामिल करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इनमें वे असाक्षर भी शामिल थे जो पूर्व की महापरीक्षा में अनुत्तीर्ण या अनुपस्थित रहे थे, साथ ही नवीन पंजीकृत असाक्षरों को भी इस परीक्षा में अवसर दिया गया।


200 घंटे निःशुल्क अध्ययन के बाद हुआ आकलन

इन सभी शिक्षार्थियों को स्वयंसेवकों द्वारा निःशुल्क 200 घंटे का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में प्रवेशिका के सातों भाग, पढ़ना-लिखना, संख्यात्मक ज्ञान एवं दैनिक जीवन से जुड़े आवश्यक बुनियादी शैक्षणिक विषय शामिल थे।
रविवार को आयोजित FLNAT (बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान) परीक्षा के माध्यम से उनके ज्ञान का आकलन किया गया।

सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित परीक्षा में बड़ी संख्या में असाक्षरों ने अपने रोजमर्रा के कामकाज छोड़कर परीक्षा केंद्रों में पहुंचकर भागीदारी निभाई।


केन्द्रीय जेल के 100 बंदी भी बने परीक्षार्थी

इस क्रम में एक प्रेरणादायी पहल यह रही कि केन्द्रीय जेल बिलासपुर के 100 असाक्षर बंदी (महिला एवं पुरुष) भी इस महापरीक्षा में शामिल हुए।
जेल के ही शिक्षित बंदियों ने स्वयंसेवक बनकर अन्य बंदियों को पढ़ाया। जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने केन्द्रीय जेल में चल रही परीक्षा का स्वयं निरीक्षण किया। उनके साथ जिला परियोजना अधिकारी भी उपस्थित रहे।


2011 के आंकड़ों में साक्षरता 74.76%, अब 100% लक्ष्य

2011 की जनगणना के अनुसार बिलासपुर जिले में साक्षरता दर 74.76 प्रतिशत थी। शेष जनसंख्या को साक्षर बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
देश को 2030 तक शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए पूरे देश में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।


छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं छात्रों को मिलेगा बोनस अंक

छत्तीसगढ़ में इस योजना के अंतर्गत एक विशेष प्रावधान किया गया है। 10वीं एवं 12वीं के वे छात्र, जो 10 असाक्षरों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं, उन्हें बोर्ड परीक्षा में 10 अंक का बोनस प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में सामाजिक सहभागिता को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।


शांति पूर्ण परीक्षा के लिए विशेष निरीक्षण दल तैनात

परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग द्वारा पृथक ऑब्जर्वर की नियुक्ति की गई। साथ ही जिला स्तर पर विशेष निरीक्षण दल गठित किया गया, जिसने पूरे दिन 10 बजे से 5 बजे तक लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।


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