हत्या कर शव तालाब में फेंका: रंजिश में युवक की निर्मम हत्या, कोटा पुलिस ने 3 दिन में किया अंधे कत्ल का खुलासा
सैकड़ों CCTV और हजारों मोबाइल नंबर खंगाले, दो आरोपी गिरफ्तार


रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
कोटा/बिलासपुर। ग्राम घोड़ामार निवासी युवक धीरज साहू की हत्या कर शव तालाब में फेंकने के सनसनीखेज मामले का कोटा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुरानी रंजिश के चलते की गई इस हत्या को पुलिस ने केवल तीन दिनों में सुलझा लिया। लगातार तकनीकी जांच, CCTV फुटेज की पड़ताल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।


घटना की शुरुआत 1 दिसंबर को तब हुई, जब धीरज साहू (26 वर्ष) के लापता होने की रिपोर्ट उसके परिजनों ने थाना कोटा में दर्ज कराई। परिजनों के मुताबिक धीरज 30 नवंबर की रात भोजन करने के बाद पोल्ट्री फार्म में सोने गया था, लेकिन अगले दिन सुबह वह लापता मिला। मोबाइल बंद रहने और खोजबीन में कोई सफलता न मिलने पर पुलिस ने गुमइंसान प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

इसी बीच 7 दिसंबर को ग्राम घोड़ामार स्थित बाँधा तालाब में एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (IPS) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अर्चना झा, एसडीओपी मस्तूरी लालचंद मोहले, FSL टीम और डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंचे। शव की पहचान धीरज साहू के रूप में हुई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मौत को हत्या बताया गया, जिसके बाद थाना कोटा में धारा 103(1) व 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना आगे बढ़ाई गई।
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए कोटा थाना और ACCU की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने घटनास्थल व आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। मृतक के परिचितों, मित्रों, परिजनों और आसपास के लोगों से लगातार पूछताछ की गई। साथ ही हजारों मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया, जिससे पुलिस को दो संदिग्धों तक पहुंचने में मदद मिली।
तकनीकी जांच में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने अनिल साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू से पूछताछ की, जिन्होंने हत्या की पूरी वारदात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व धीरज से हुए विवाद के चलते उनके मन में रंजिश थी। इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने धीरज को मारने की योजना बनाई थी।
30 नवंबर की देर रात लगभग 11:30 बजे दोनों आरोपी मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 BG 1727 से सिविल साहू के प्लॉट के पास पहुंचे। मोटर पंप निकालने के बहाने धीरज को बुलाया गया। मौक़ा मिलते ही दोनों ने मिलकर चाकू से उसकी हत्या कर दी। सबूत छिपाने के लिए शव पर पत्थर बांधकर उसे बाँधा तालाब में फेंक दिया और घटना में प्रयुक्त चाकू, कपड़े और मोबाइल को कोरी डेम में फेंक दिया।
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चाकू और पत्थर बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक तोप सिंह नवरंग, ACCU प्रभारी निरीक्षक अजहरुद्दीन, उप निरीक्षक हेमंत आदित्य, चौकी प्रभारी बेलगहना हेमंत सिंह, डॉग स्क्वाड एवं FSL टीम समेत पुलिस स्टाफ की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
घटना के खुलासे के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की व्यापक प्रशंसा की जा रही है।

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