अमरकंटक में 4 दिवसीय मौन एवं गहन ध्यान साधना शिविर का आयोजन संपन्न


साधकों ने किया नर्मदा तट रामघाट पर नर्मदा महाआरती ।
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय


अमरकंटक । मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक में
चार दिवसीय मौन एवं गहन ध्यान आधारित आध्यात्मिक रिट्रीट सफलता पूर्वक संचालित किया गया ।
इस ध्यान शिविर में अमरकंटक के अनेक प्रसिद्ध जगहों पर जा जाकर ध्यान केंद्रित किया गया ।
चलो अमरकंटक क्रिसमस स्पेशल एडवांस कोर्स अंतर्गत चार दिवसीय मौन एवं ध्यान साधना शिविर लगा कर किया गया ।
अमरकंटक के उद्गम स्थल , सोनाक्षी शक्तिपीठ , श्रीयंत्र मंदिर , शंकराचार्य आश्रम आदि जगहों पर पहुंच कर ध्यान साधना किया गया ।
यह विशेष आध्यात्मिक आयोजन आर्ट ऑफ लिविंग परिवार गौरेला–पेंड्रा द्वारा आयोजित किया गया था । जिसमें देशभर से साधक एवं श्रद्धालु भाग लिए ।
इस रिट्रीट की सबसे प्रमुख विशेषता “मौन साधना” था । प्रतिभागी बाहरी संवाद से पूर्ण विराम लेते हुए मौन ध्यान (Maun Dhyan) का पालन कर रहे थे तथा गहन ध्यान (Deep Meditation) की अवस्था में प्रवेश कर रहे थे । यह मौन केवल शब्दों का अभाव नहीं बल्कि आत्मचिंतन , मानसिक शुद्धि और आत्मबोध का सशक्त माध्यम बना ।
प्रतिभागियों को गहरे स्तर पर शांति , स्पष्टता और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करा रही थी ।
कार्यक्रम का कुशल संचालन आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ शिक्षक मिलिंद गुप्ता द्वारा किया गया ।
इस आध्यात्मिक रिट्रीट में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 40 प्रतिभागी सम्मिलित हुए थे ।

उल्लेखनीय है कि कई श्रद्धालु बेंगलुरु जैसे दूरस्थ महानगरों से सड़क मार्ग द्वारा केवल माँ नर्मदा के दिव्य दर्शन एवं इस उच्च स्तरीय मौन ध्यान कार्यक्रम में सहभागिता हेतु अमरकंटक पहुँचे थे ।
सभी ने एकादश शिवलिंग का पवित्र जल से जलाभिषेक भी किया गया ।
यह संपूर्ण कार्यक्रम विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक परम पूज्य श्री श्री रविशंकर गुरुदेव द्वारा प्रारंभ की गई योग , ध्यान एवं मानव-मूल्य आधारित साधनाओं पर आधारित है जिनका उद्देश्य व्यक्ति को तनावमुक्त , संतुलित एवं जागरूक जीवन की ओर अग्रसर करना है ।
कार्यक्रम का समन्वय आर्ट ऑफ लिविंग शिक्षक अमित परिहार के नेतृत्व में किया गया । उन्होंने बताया कि आयोजन की सफलता में टीम गौरेला–पेंड्रा के समर्पित स्वयंसेवकों — श्रीवर्दन , अंबुज , सूर्य , अमन सिंह , अंकित , आयुष , रचना शुक्ला , वंदना चटर्जी सहित संपूर्ण आर्ट ऑफ लिविंग परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है । नर्मदा नदी रामघाट तट पर एक दिवसीय शुक्रवार को संध्या कालीन नर्मदा महाआरती भी किया गया जिसमें सभी उपस्थित जनसमूह बड़े हर्षोल्लास के साथ हर हर नर्मदे का जयघोष करते हुए नजर आए ।

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