भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का 1 जनवरी को भूमिपूजन, छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई पहचान


रायपुर । छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास को नई दिशा देने वाले भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन आगामी 1 जनवरी 2025 को किया जाएगा। लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के करकमलों से संपन्न होगा। यह परियोजना उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल से साकार हो रही है।
भूमिपूजन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव मंदिर परिसर स्थित आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने मंच व्यवस्था, जनसमूह के बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, सभापति डॉ. वीरेंद्र साहू, कलेक्टर गोपाल वर्मा, एएसपी पुष्पेंद्र सिंह बघेल, एडीएम विनय पोयाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि भोरमदेव मंदिर परिसर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटन कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सड़क, पार्किंग, व्यू प्वाइंट, पर्यटक सुविधा केंद्र, सौंदर्यीकरण एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर इसी सोच का सशक्त उदाहरण है, जो आने वाले वर्षों में राज्य के धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

The News Related To The News Engaged In The https://apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.



