एसजेवीएन ने राजस्थान में 1000 मेगावाट बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना की सीओडी को हासिल किया।


भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने अवगत कराया है कि एसजेवीएन ने राजस्थान के 1000 मेगावाट क्षमता वाले बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना की वाणिज्यिक संचालन तिथि (सीओडी) सफलतापूर्वक हासिल की है। यह उपलब्धि देश की विद्युत उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में कंपनी की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्री गुप्ता ने इस शानदार उपलब्धि के लिए सभी कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता न सिर्फ एसजेवीएन की तकनीकी उत्कृष्टता को प्रदर्शित करती है, अपितु कर्मचारियों, ठेकेदारों और सभी स्टेकहोल्डर्स के समर्पण और समन्वित प्रयासों को भी दर्शाती है।


श्री गुप्ता ने आगे बताया कि 1000 मेगावाट बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना राजस्थान के बीकानेर जिले में अवस्थित है और इसे एसजेवीएन अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) के माध्यम से कार्यान्वित कर रहा है। यह परियोजना प्रचालन के प्रथम वर्ष में 2,454.55 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पन्न करेगी और 25 वर्षों में कुल मिलाकर लगभग 56,838 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पन्न करेगी। अधिकतम उपयोग शुल्क ₹2.57 प्रति यूनिट तय किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती ग्रीन ऊर्जा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इस परियोजना से उत्पन्न होने वाली सौर ऊर्जा की राजस्थान, जम्मू एवं कश्मीर और उत्तराखंड राज्यों को आपूर्ति की जाएगी।

अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक) ने इसमें शामिल सभी कार्मिकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की और बताया कि यह परियोजना राजस्थान के बीकानेर ज़िले में बांदरवाला गांव के समीप पूर्ण रूप से खरीदी गई 5,000 एकड़ भूमि पर बनाई गई है। यह देश के सबसे ज़्यादा सोलर एनर्जी वाले इलाकों में से एक है। उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना की कमीशनिंग से भारत सरकार के वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सिपन कुमार गर्ग निदेशक (वित्त) एसजेवीएन ने कहा कि यह परियोजना ₹5,492 करोड़ की लागत से बनाई गई है और इसे डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (डीसीआर) मोड के तहत पूरा किया गया है, जिसमें देश में बने सोलर फोटोवोल्टिक सेल और मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया है, जिससे मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा मिला है। ग्रिड को स्वच्छ ऊर्जा देने के अलावा, इस परियोजना से अनुमानित 27,85,077 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे पूर्व, भारत की माननीय राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने दिनांक 3 जनवरी 2023 को जयपुर, राजस्थान में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी।
1000 मेगावाट की बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना को भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) की केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (सीपीएसयू) योजना – फेस II, ट्रेंच III के तहत विकसित किया गया है। डीसीआर मोड के तहत लागू होने से स्वदेशी सौर विनिर्माण इकोसिस्टम को और अधिक बढ़ावा मिलने की संभावना है।

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