31वां अष्टोत्तरशत 108 श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव

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पंचम दिवस पर मां नर्मदा जी की महिमा का गुणगान सुनाया – बाबा कल्याण दास जी

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली , पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित श्री कल्याण सेवा आश्रम में आयोजित 31वां अष्टोत्तरशत 108 श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के पंचम दिवस वीतराग तपस्वी बाबा कल्याण दास जी महाराज ने मां नर्मदा जी की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया । हावड़ा (कोलकाता) से पधारे भक्त श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बाबा कल्याण दास जी महाराज ने कहा कि पतित पावनी पुण्य सलिला मां नर्मदा जी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली , मोक्षदायिनी एवं जगत जननी मां नर्मदा हैं । उन्होंने बताया कि मां नर्मदा ही एकमात्र ऐसी नदी हैं जिनकी परिक्रमा की जाती है । वर्ष भर श्रद्धालु नर्मदा तट पर निवास कर जलपान करते हुए नर्मदा नाम संकीर्तन के साथ परिक्रमा करते हैं और परिक्रमा काल में मां नर्मदा स्वयं भक्तों को दर्शन देती हैं ।

उन्होंने कहा कि मां गंगा में स्नान का जो पुण्य है , वही पुण्य मां नर्मदा के दर्शन मात्र से प्राप्त हो जाता है । कल्याण सेवा आश्रम कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी के जीवन में सुख-शांति , उन्नति और समृद्धि की कामना की तथा मां नर्मदा और भगवान के चरणों में ध्यान बने रहने का आशीर्वाद दिया ।
इस अवसर पर कथा व्यास पंडित श्री राधेश्याम शास्त्री जी महाराज (वृंदावन) ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत मनोहारी और संजीव चित्रण प्रस्तुत किया । उनकी कथा से भक्त श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए । भावविभोर श्रद्धालुओं ने नृत्य करते हुए गोवर्धन पूजा का आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया ।
आश्रम के विशाल सभा हॉल में पूरे समय आध्यात्मिक एवं धार्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा ।

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