छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का तीन दिवसीय आंदोलन जारी, दूसरे दिन आगर खेल परिसर में उमड़ा कर्मचारी-अधिकारी वर्ग, 11 सूत्रीय मांगों पर सरकार से संवाद की मांग


मुंगेली । छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर चल रहे तीन दिवसीय आंदोलन के दूसरे दिन आगर खेल परिसर में जिले भर से बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं अधिकारी एकत्रित हुए। आंदोलन का उद्देश्य शासन के समक्ष लंबित 11 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से रखना है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, संगठनों एवं संघों के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
फेडरेशन के जिला संयोजक जे.एस. ध्रुव ने अपने संबोधन में कहा कि कर्मचारी-अधिकारियों की जायज मांगों को लेकर अब तक शासन स्तर से किसी भी प्रकार का संवाद या पहल नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र बातचीत शुरू नहीं की जाती, तो पूरे प्रदेश में कर्मचारी-अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल की ओर मजबूर होंगे।


इस अवसर पर जिला उपसंयोजक बिंदु भास्कर ने कहा कि प्रदेशभर में 124 से अधिक संगठनों द्वारा एकजुट होकर यह आंदोलन किया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की सहभागिता यह दर्शाती है कि सरकार को अब कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना ही होगा।

लघुवेतन संघ के जिला अध्यक्ष कामता प्रसाद साहू ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि न्यूनतम वेतन, पदोन्नति, सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों जैसी मांगें वर्षों से लंबित हैं, जिनका शीघ्र समाधान आवश्यक है।
वहीं जिला अध्यक्ष अशोक कश्यप ने अपने वक्तव्य में कहा—
“यत्र नारी पूज्यंते, तत्र नारायण रमंते”—अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां समृद्धि निवास करती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों की पूर्ति से ही शासन-प्रशासन में संतुलन और सुशासन संभव है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी व्याख्याता संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय ने कहा कि संघर्ष और त्याग से ही अधिकार प्राप्त होते हैं। कर्मचारियों को संगठित रहकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखना होगा।
पेंशनधारी कल्याण संघ की ओर से डी.डी. मानिकपुर ने 11 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि पेंशनधारियों की समस्याओं को भी सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि वे शासन की सेवा कर चुके अनुभवी कर्मचारी हैं।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
आंदोलन में प्रमुख रूप से रामकृष्ण वैष्णव, पी.एल. दिवाकर, देवी शंकर यादव, बिंदु साहू, मोतीराम यादव, कमलेश्वर साहू, चन्द्रभान जयसवाल, पूर्णिमा पात्रे, राजकुमार घृतलहरे, संजय श्रीवास्तव, ज्योति डाहिरे, नीतू सिंह, कपूर किशन महिलागे, मीना डहरिया, भैया सिंह परिहार, देवेंद्र देवांगन, शंकरलाल मतवारे, दिनेश निर्मलकर, अमित कुर्रे, दुश्यंत कुर्रे, फूलचंद यादव, कृष्ण कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अत्रि प्रताप सिंह द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन डी.एल. भास्कर ने किया।
आंदोलन का संदेश
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। कर्मचारी वर्ग अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पूरी तरह एकजुट है और अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

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