अमरकंटक पवित्र नगरी में धूप-छांव का खेल जारी ,

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बादलों की आवाजाही से शीतलहर में आई कमी,

जनजीवन को मिली राहत भरी तसल्ली

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक नगरी अमरकंटक में ईस्वी नववर्ष 2026 के शुभारंभ के साथ ही विगत एक सप्ताह से जारी भीषण ठंड और शीतलहर में कुछ हद तक विराम देखने को मिला है । लगातार बदलते मौसम और आसमान में बादलों की सक्रियता के कारण ठंड की तीव्रता में कमी दर्ज की गई है जिससे आमजन के साथ-साथ पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों को भी राहत मिली है ।
ईस्वी नववर्ष के प्रथम दिवस 01 जनवरी 2026 की प्रातः से ही अमरकंटक के स्वच्छ नीले आकाश में घने काले बादलों ने अचानक डेरा जमा लिया । बादलों की इस मौजूदगी ने मौसम का मिजाज ही बदल दिया । बीते दिनों जहां तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस अथवा उसके आसपास बना हुआ था और कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर दिया था वहीं अब संध्या एवं रात्रि कालीन का तापमान बढ़कर 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है । तापमान में आई इस बढ़ोतरी से लोगों ने सर्दी से काफी हद तक राहत महसूस की है ।

पिछले तीन दिनों से अमरकंटक के आसमान में धूप और छांव का खेल लगातार जारी है । कभी तेज धूप तो कभी बादलों की घनी परतें आसमान को ढक लेती हैं । हालांकि ठंड अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है लेकिन बीते एक सप्ताह की तुलना में अब उसकी तीव्रता कम हो गई है । इससे पहले स्थिति यह थी कि रात के समय ओस की बूंदें जमकर बर्फ का रूप ले लेती थीं । घास , पत्तियों और खुले मैदानों पर सफेद चादर जैसी परत दिखाई देती थी तथा ठंड के कारण लोगों के हाथ-पैर तक सुन्न हो रहे थे । वर्तमान मौसम में इस प्रकार की अत्यधिक ठिठुरन से लोगों को राहत मिली है ।

कुल मिलाकर अमरकंटक में जारी धूप-छांव और बादलों की आवाजाही ने जहां मौसम को सुहावना बना दिया है वहीं लंबे समय से पड़ रही भीषण ठंड से जूझ रहे जनजीवन को भी बड़ी राहत प्रदान की है ।

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