आयुक्त के निर्देश पर जोन-10 की ऐतिहासिक कार्रवाई, अवैध प्लाटिंग पर सख्त शिकंजा

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रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर ने अवैध प्लाटिंग, नियम विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियों और पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के स्पष्ट निर्देश पर नगर निगम जोन क्रमांक-10 द्वारा बोरियाखुर्द और डुंडा क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के मामलों में ऐसी कार्रवाई की गई, जो अब तक रायपुर नगर निगम के इतिहास में पहली बार बताई जा रही है।

1.845 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रबंध अधिग्रहण की पहल
जोन-10 क्षेत्र के अंतर्गत अवैध प्लाटिंग के दो प्रकरणों में नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292(च) के तहत प्रबंध अधिग्रहण की कार्यवाही हेतु आम सूचना दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई गई है। इस कार्यवाही के दायरे में कुल 1.845 हेक्टेयर भूमि शामिल है। अधिकारियों के अनुसार अधिनियम के तहत “प्रबंध अधिग्रहण” की यह प्रक्रिया रायपुर नगर निगम द्वारा पहली बार अपनाई गई है, जिससे अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है।

इन प्रकरणों में ग्राम डुंडा के पटवारी हल्का नंबर 72 स्थित खसरा क्रमांक 369/1, 369/2, 371/1, 368 (रकबा 1.845 हेक्टेयर) के भू-स्वामी श्री शंकर साहू, श्री शैलेन्द्र साहू एवं श्री शिवा साहू तथा ग्राम बोरियाखुर्द पटवारी हल्का नंबर 71 के खसरा क्रमांक 346/16/18, 346/19, 346/20, 346/21, 345/2, 351/1 (रकबा 1.16 हेक्टेयर) के भू-स्वामी श्री योगेश वर्मा शामिल हैं।

बोरियाखुर्द में मौके पर बुलडोजर कार्रवाई
इसी कड़ी में जोन-10 द्वारा बोरियाखुर्द आरडीए भवन के पास लगभग 3 एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर प्रत्यक्ष कार्रवाई की गई। जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे, सहायक अभियंता योगेश यदु, उप अभियंता अजय श्रीवास्तव, जोन-10 की उड़नदस्ता टीम, नगर निवेश विभाग की सेंट्रल उड़नदस्ता टीम तथा जोन 3, 4 और 6 की मशीनरी की मौजूदगी में डीपीसी मुरूम मार्ग को विच्छेदन कर ध्वस्त किया गया।

लालपुर फल मंडी के पीछे 26 गोडाउन को नोटिस
नगर निगम ने नियम विरुद्ध आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। जोन-10 क्षेत्र के अंतर्गत लालपुर फल मंडी के पीछे स्थित 26 गोडाउन, जहां आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार नोटिस की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अवैध निर्माण हटाने, सीलबंदी अथवा नियमों के अनुरूप समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं लगाने पर 47 लाख से अधिक की एफडीआर राजसात की तैयारी
जोन-10 कार्यालय क्षेत्र में 31 मार्च 2020 के पूर्व भवन निर्माण अनुज्ञा के समय जमा कराई गई 217 एफडीआर, जिनकी कुल राशि 47 लाख 13 हजार 277 रुपये है, को लेकर भी निगम ने सख्त कदम उठाया है। विभिन्न आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं किए जाने पर इन एफडीआर को राजसात करने की प्रक्रिया के तहत दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई है। इसके लिए दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशन कर एनजीओ, स्व-सहायता समूह, पंजीकृत समितियों, बेरोजगार सिविल इंजीनियरों एवं निगम में पंजीकृत जियो-हाइड्रोलॉजिस्ट से प्रस्ताव मांगे गए हैं।

मैदानी कार्रवाई में जुर्माना भी वसूला
इसी दिन जोन-10 क्षेत्र में सड़क बाधा, ग्रीन नेट, सी-एंड-डी वेस्ट मिलने पर मैदानी कार्रवाई करते हुए भवन स्वामियों पर कुल 21,100 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। साथ ही मार्ग संरचना से संबंधित प्रस्ताव नियमानुसार नगर निवेशक को भेजा गया है।

निगम का स्पष्ट संदेश
नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर की जा रही इन लगातार कार्रवाइयों से साफ है कि रायपुर में अवैध प्लाटिंग, नियम विरुद्ध निर्माण और पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगम की इस सख्ती को शहर के नियोजित विकास और नागरिक हित में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

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