प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से बदली खेती की तस्वीरस्प्रिंकलर–ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत, उपज में बढ़ोतरी, किसानों की आय मजबूत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अहम भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व और कृषि विभाग के सतत प्रयासों से राज्य में आधुनिक सिंचाई तकनीकों को तेजी से अपनाया जा रहा है। योजना के तहत स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली से न केवल जल संरक्षण संभव हुआ है, बल्कि किसानों की उत्पादन क्षमता और आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।

हजारों किसानों को मिला सीधा लाभ
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक राज्य के 19,306 किसानों को योजना का लाभ मिला है, जिससे 16,154 हेक्टेयर कृषि भूमि में आधुनिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सरकार द्वारा किसानों को प्रोत्साहित करते हुए लघु एवं सीमांत कृषकों को 55 प्रतिशत तथा अन्य कृषकों को 45 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, ताकि वे कम लागत में आधुनिक तकनीक अपना सकें।

जल की बचत के साथ बेहतर उत्पादन
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली से फसलों को आवश्यकता अनुसार समान रूप से पानी मिलता है। इससे 30 से 40 प्रतिशत तक जल की बचत हो रही है और खेतों में पानी के अपव्यय पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। सीमित जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होने से खेती अधिक लाभकारी बन रही है।

ड्रिप प्रणाली सब्जी और बागवानी के लिए वरदान
ड्रिप सिंचाई प्रणाली विशेष रूप से सब्जी, फल, बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। वहीं स्प्रिंकलर प्रणाली से दलहन, तिलहन एवं अनाज फसलों की उत्पादकता में वृद्धि देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि इन प्रणालियों के उपयोग से 20 से 30 प्रतिशत तक उपज में बढ़ोतरी हुई है, साथ ही उर्वरक और श्रम लागत में भी कमी आई है।

तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी उपलब्ध
योजना के अंतर्गत किसानों को केवल अनुदान ही नहीं, बल्कि तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, डिज़ाइन अनुमोदन एवं स्थापना में सहयोग भी दिया जा रहा है। इससे किसानों में वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ी है और वे आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

अल्प वर्षा क्षेत्रों के लिए संजीवनी
सूखा एवं अल्प वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में यह योजना किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कम पानी में अधिक उत्पादन होने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है और उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो रही है।

आंकड़ों में योजना की उपलब्धि
वर्ष 2025-26 में अब तक

  • 15,757 किसानों के खेतों में स्प्रिंकलर सिस्टम से 12,012 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित हुआ।
  • 3,549 किसानों के खेतों में ड्रिप सिस्टम से 3,942 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा स्थापित की गई।

कुल मिलाकर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना छत्तीसगढ़ में खेती को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार बनकर उभर रही है।

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